👉 फर्जी बिल्टी, वाहन नंबरों में कथित हेराफेरी, GPS ट्रैकिंग और भुगतान में गड़बड़ी के आरोप; पांच माह से आंदोलनरत जनप्रतिनिधियों ने उठाई CBI जांच की मांग
🌍 बिलासपुर/सीपत, छत्तीसगढ़।:-NTPC सीपत में राखड़ परिवहन व्यवस्था को लेकर कथित अनियमितताओं का मामला एक बार फिर चर्चा में है। परिवहन से संबंधित बिल्टी, वाहनों के नंबर, GPS ट्रैकिंग, राखड़ की मात्रा और भुगतान प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। समाचार में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, संबंधित अधिकारी अनंत वासने के तबादले के बाद भी आंदोलनरत जनप्रतिनिधियों की मांगें पूरी तरह शांत नहीं हुई हैं।


परिवहन व्यवस्था में अनियमितताओं के आरोप
आंदोलनरत जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि राखड़ परिवहन के दौरान फर्जी बिल्टी, एक ही वाहन से जुड़े अलग-अलग नंबरों के कथित इस्तेमाल, वास्तविक दूरी और दर्ज दूरी में अंतर तथा GPS रिकॉर्ड में संभावित गड़बड़ी जैसे मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
इसके साथ ही राखड़ की वास्तविक मात्रा, परिवहन से संबंधित टोल रसीदों, FASTag रिकॉर्ड, भुगतान विवरण और बैंक लेनदेन का मिलान कराने की मांग भी उठाई गई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित दस्तावेजों की जांच आवश्यक है।
पांच माह से आंदोलन, CBI जांच की मांग
प्रकाशित समाचार में उल्लेख है कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और अन्य संबंधित लोग करीब पांच माह से इस मुद्दे पर आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि केवल तबादले से मामले का समाधान नहीं होगा। यदि शिकायतों में तथ्य पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार व्यक्तियों और संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
आंदोलनकारियों ने मामले की व्यापक जांच के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग उठाई है। उनका तर्क है कि निष्पक्ष जांच से परिवहन व्यवस्था, रिकॉर्ड और भुगतान से जुड़े सवालों का स्पष्ट उत्तर मिल सकेगा।
किन बिंदुओं की जांच जरूरी?
मामले में निष्पक्ष जांच के लिए निम्नलिखित बिंदुओं की पड़ताल महत्वपूर्ण हो सकती है—
- राखड़ परिवहन की बिल्टियों और वास्तविक परिवहन रिकॉर्ड का मिलान।
- वाहन पंजीयन नंबर, GPS डेटा और परिवहन की दूरी का सत्यापन।
- राखड़ की मात्रा, वजन पर्चियों और संबंधित रिकॉर्ड की जांच।
- टोल रसीदों, FASTag विवरण और भुगतान रिकॉर्ड का मिलान।
- संबंधित ठेकेदारों, परिवहन एजेंसियों और अधिकारियों की भूमिका की जांच।
- शिकायतों पर NTPC प्रबंधन और संबंधित निगरानी अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई का विवरण।
NTPC प्रबंधन और प्रशासन से जवाब की अपेक्षा
इस मामले में NTPC सीपत प्रबंधन, संबंधित सतर्कता विभाग तथा अन्य सक्षम अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे शिकायतों की स्थिति, अब तक की गई जांच और कार्रवाई के संबंध में तथ्यात्मक जानकारी सार्वजनिक करें। यदि आरोप निराधार हैं, तो उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। यदि अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं, तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
जनहित का सवाल: क्या राखड़ परिवहन से जुड़े रिकॉर्ड, GPS डेटा, बिल्टियों और भुगतान का स्वतंत्र सत्यापन कराया जाएगा? क्या आंदोलनरत जनप्रतिनिधियों की शिकायतों पर जांच की स्थिति सार्वजनिक होगी?
इन सवालों का उत्तर जांच और दस्तावेजों से ही सामने आना चाहिए। किसी व्यक्ति या संस्था को जांच से पहले दोषी ठहराना उचित नहीं है।
सत्य ज्ञान समागम न्यूज लाइव
न पक्ष, न विपक्ष — केवल निष्पक्ष जनहित।
संपादकीय टिप्पणी: यह समाचार उपलब्ध कराई गई प्रकाशित सामग्री और उसमें वर्णित आरोपों के आधार पर तैयार किया गया है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि, संबंधित पक्षों का आधिकारिक जवाब और जांच संबंधी दस्तावेज प्राप्त होने पर समाचार को अद्यतन किया जाना चाहिए।









