सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार इन दिनों मार्केट में राजश्री पान मसाला को लेकर भारी अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। कंपनी द्वारा रेट बढ़ाने की कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है, इसके बावजूद बाजार में राजश्री पान मसाला अनाप-शनाप दामों पर बेचा जा रहा है।सूत्रों ने बताया कि जो राजश्री पान मसाला का झाल पहले 12,900 रुपये में मिलता था, वही आज 13,500 से 14,500 रुपये तक बेचा जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े अंतर के बावजूद प्रशासन द्वारा अब तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया है। सवाल यह उठता है कि क्या कारोबारियों को प्रशासन का डर नहीं है या फिर प्रशासन जानबूझकर आंख मूंदे बैठा है?बताया जा रहा है कि राजश्री पान मसाला फैक्ट्री के 3 दिनों से बंद होने की झूठी अफवाह बाजार में फैलाई जा रही है। इसी अफवाह के सहारे माल रोककर ऊंचे दामों पर बिक्री की जा रही है, जिससे न केवल कंपनी की छवि धूमिल हो रही है, बल्कि छोटे व्यापारियों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालांकि फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से अब तक कोई स्पष्ट सूचना जारी नहीं की गई, जिससे स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है।इस पूरे मामले को लेकर छोटे व्यापारी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की अफवाह फैलाकर दाम बढ़ाए गए हों।उन्होंने कहा, “हम जैसे छोटे व्यापारियों पर इसका सीधा असर पड़ता है। मॉल रोककर रेट बढ़ा दिए जाते हैं और हम मजबूर हो जाते हैं। कंपनी और प्रशासन दोनों को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।” यह भी सवाल उठाया कि जब विमल पान मसाला तय सरकारी रेट पर बिक रहा है, तो फिर राजश्री पान मसाला के दाम अलग-अलग क्यों वसूले जा रहे हैं?क्या पान मसाला बेचने के लिए कोई सरकारी नियम नहीं है? अगर है, तो उसका पालन क्यों नहीं कराया जा रहा?अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि कब जागेगा जिला प्रशासन और कब होगी अफवाह फैलाकर कालाबाजारी करने वालों पर कार्रवाई?छोटे व्यापारी आज जवाब मांग रहे हैं, लेकिन जवाब देने वाला कोई नहीं।