सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार सरकारी नियमों की खुलेआम उड़ाई जा रही धज्जियाँ, राजस्व को भारी नुकसान
राजधानी में राजश्री पान मसाला के अधिकृत डीलरों द्वारा सरकारी नियमों और कानूनों की खुलेआम अनदेखी किए जाने का मामला सामने आया है। डीलरों ने मनमानी करते हुए पान दुकानों पर जाकर 125 रुपये प्रति पैकेट में चिल्हर बिक्री थोप दी है, वहीं थोक विक्रेताओं को होलसेल माल देने पर रोक लगा दी गई है।
📊 आंकड़ों में पूरा खेल
जानकारी के अनुसार —
₹12,900 के एक बोरे में 104 पैकेट आते हैं
प्रति पैकेट लागत पड़ती है ₹124.04
इस कीमत पर थोक व्यापारी को 28% GST का भुगतान करना अनिवार्य है
ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि
👉 ₹124.04 में माल खरीदने वाला थोक व्यापारी ₹125 में बिक्री कैसे करेगा?
👉 GST, दुकान किराया, कर्मचारी वेतन, पेट्रोल, परिवहन और अन्य खर्च कहाँ से पूरे होंगे?
❌ बिना बिल, बिना कानून — सिर्फ दादागिरी
जमीनी हकीकत यह है कि —
कई दुकानों पर बिना GST बिल माल सप्लाई किया जा रहा है
COTPA अधिनियम (तंबाकू नियंत्रण कानून) को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है
फेरी करने वालों के लिए कोई नियम, कोई रजिस्ट्रेशन, कोई बिल नहीं
थोक व्यापारियों के मौलिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है
यह सब कुछ खुलेआम हो रहा है और जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठे हैं।
❓ कमिश्नर प्रणाली के बाद भी दादागिरी क्यों?
कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बावजूद:
डीलरों की मनमानी कैसे जारी है?
पुलिस प्रशासन, खाद्य विभाग और GST विभाग की टीमें कार्रवाई से क्यों कतरा रही हैं?
क्या राजश्री पान मसाला के डीलरों के सामने सरकार नतमस्तक है?
💰 राजस्व को भारी नुकसान
बिना बिल और बिना GST के हो रही बिक्री से:
सरकार को करों का भारी नुकसान हो रहा है
ईमानदार व्यापारी बर्बाद हो रहे हैं
अवैध कारोबार को बढ़ावा मिल रहा है
🔥 बड़ा सवाल
₹125 में बेचने पर कर्मचारी का वेतन, पेट्रोल, भाड़ा और अन्य खर्च कैसे निकल रहा है?
या फिर यह पूरा तंत्र ही अवैध कमाई और दबंगई पर टिका हुआ है?
📢 मांग
अब आवश्यकता है कि —
डीलरों की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच हो
GST, खाद्य विभाग और पुलिस प्रशासन संयुक्त कार्रवाई करें
थोक व्यापारियों के अधिकारों की रक्षा की जाए
अवैध फेरी और बिना बिल बिक्री पर तत्काल रोक लगे
जब तक कार्रवाई नहीं होगी, तब तक सवाल यही रहेगा —
आखिर राजश्री पान मसाला के सामने कानून इतना कमजोर क्यों?