विद्यालय में अमर्यादित आचरण पर सख्त कार्रवाई, शिक्षक को तत्काल निलंबित करने के निर्देश
वायरल वीडियो और प्रारंभिक जांच के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने लिया संज्ञान, 24 घंटे में मांगा कार्रवाई का प्रतिवेदन


बिलासपुर, 4 अक्टूबर 2026। कोटा विकासखंड के अनुदान प्राप्त विद्यामंदिर प्राथमिक शाला, बेहरामुड़ा में पदस्थ सहायक शिक्षक चतरपाल सिंह राज के विरुद्ध विद्यालयीन समय में कथित अमर्यादित आचरण के मामले में जिला शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं सचिव को संबंधित शिक्षक के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई करने तथा 24 घंटे के भीतर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी पत्र में प्राप्त शिकायतों, प्रारंभिक जांच प्रतिवेदनों तथा वायरल वीडियो का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि 3 अक्टूबर को विद्यालयीन समय में शिक्षक द्वारा कथित रूप से शराब के नशे में विद्यालय परिसर में अभद्र एवं अमर्यादित व्यवहार किया गया।
मामले में शासकीय हाई स्कूल बेहरामुड़ा के प्राचार्य एवं संकुल शैक्षणिक समन्वयक द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदनों में शिक्षक द्वारा प्रधानमंत्री के संबंध में भी कथित रूप से आपत्तिजनक एवं अमर्यादित भाषा के प्रयोग का उल्लेख किया गया है।
शिक्षक की गरिमा और विद्यालय की प्रतिष्ठा का मामला
जिला शिक्षा अधिकारी ने अपने निर्देश में ऐसे आचरण को शिक्षक की गरिमा एवं निर्धारित आचरण के विपरीत बताते हुए कहा है कि इससे शिक्षण संस्था की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है। विद्यालय का प्रबंधन प्रबंध समिति के अधीन होने के कारण समिति को अनुदान प्राप्त संस्थाओं से संबंधित नियमों एवं शासकीय प्रावधानों के तहत तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
24 घंटे में कार्रवाई नहीं तो वेतन भुगतान पर रोक की चेतावनी
विभाग ने प्रबंध समिति को स्पष्ट निर्देश दिया है कि निर्धारित समय-सीमा में निलंबन सहित की गई कार्रवाई का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए। समय पर प्रतिवेदन नहीं मिलने की स्थिति में संबंधित संस्था के वेतन भुगतान की कार्रवाई रोकने की चेतावनी दी गई है। इसकी जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंध समिति की होगी।
विद्यालयों में अनुशासन को लेकर विभाग सख्त
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इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि शिक्षा विभाग विद्यालय परिसर में शिक्षकों के आचरण और अनुशासन को लेकर गंभीर है। विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण की महत्वपूर्ण संस्था है। ऐसे में विद्यालयीन समय में किसी भी शिक्षक द्वारा अनुशासनहीनता या अमर्यादित व्यवहार किए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई जरूरी है।









