महासमुंद पुलिस की अंतरराज्यीय कार्रवाई: खैर लकड़ी तस्करी मामले में ₹1.70 करोड़ नकद और 70 टन लकड़ी जब्त, हिमाचल प्रदेश से आरोपी गिरफ्तार
फर्जी एनओसी, ट्रांजिट पास और बिलिंग के जरिए खैर लकड़ी को वैध दिखाने का आरोप; हरियाणा, हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में पुलिस की दबिश


महासमुंद/छत्तीसगढ़, 16 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में खैर लकड़ी के कथित अवैध परिवहन, तस्करी और फर्जी बिलिंग से जुड़े मामले में पुलिस ने अंतरराज्यीय स्तर पर कार्रवाई तेज कर दी है। महासमुंद पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, विभिन्न राज्यों में दबिश देकर अब तक कुल 70 टन अवैध खैर लकड़ी और 1 करोड़ 70 लाख रुपये नकद जब्त किए गए हैं। इसके अलावा, पहले की कार्रवाई में भी 81 लाख रुपये नकद जब्त किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।
इस प्रकरण में हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से ‘शिव ट्रेडर्स’ के संचालक सतपाल सिंह (67 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर महासमुंद लेकर आई है और न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किए जाने की प्रक्रिया जारी होने की जानकारी दी गई है।
गुरुग्राम के गोदाम में मिली लगभग 15 टन खैर लकड़ी
पुलिस के मुताबिक, 10 अक्टूबर 2026 को हरियाणा के गुरुग्राम जिले के पटौदी क्षेत्र के ग्राम बहोड़ा कलां स्थित ‘श्री बालाजी ट्रेडिंग’ के गोदाम में तलाशी ली गई। यहां से लगभग 15 टन खैर लकड़ी बरामद कर जब्त की गई।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में ओडिशा, मध्यप्रदेश, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश सहित विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई की गई है। इन कार्रवाइयों के दौरान कुल 70 टन खैर लकड़ी जब्त किए जाने की जानकारी दी गई है।
फर्जी एनओसी और बिलिंग के जरिए वैधता दिखाने का आरोप
पिथौरा थाने में वन परिक्षेत्र अधिकारी के आवेदन पर 9 जुलाई 2026 को अपराध क्रमांक 172/2026 दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार, मामला 23,350 किलोग्राम खैर लकड़ी के कथित अवैध परिवहन के लिए इस्तेमाल किए गए एनटीपीएस एनओसी दस्तावेज में कूटरचना और धोखाधड़ी से संबंधित है।
पुलिस की विवेचना के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर वास्तविक माल की आपूर्ति के बिना विभिन्न फर्मों के माध्यम से फर्जी बिल तैयार कराए। खैर लकड़ी के परिवहन को वैध दिखाने के लिए वन विभाग के कथित फर्जी ट्रांजिट पास और एचएसएन कोड के दुरुपयोग की भी जांच की जा रही है।
पुलिस का दावा है कि बैंक खातों में हुए वित्तीय लेन-देन की जांच में पिछले तीन वर्षों के दौरान फर्जी बिलों को वैध दिखाने के उद्देश्य से कई बार करोड़ों रुपये के भुगतान किए जाने के संकेत मिले हैं। इन आरोपों की पुष्टि का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के अधीन होगा।
हिमाचल प्रदेश से सतपाल सिंह गिरफ्तार
पुलिस विज्ञप्ति के अनुसार, 12 अक्टूबर 2026 को हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के कालाअंब से सतपाल सिंह को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोप लगाया है कि उनकी फर्म ‘शिव ट्रेडर्स’ के माध्यम से अन्य आरोपियों के साथ मिलकर कथित आपराधिक षड्यंत्र के तहत फर्जी बिलिंग की गई।
गिरफ्तार आरोपी को हिमाचल प्रदेश के नाहन स्थित मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त करने के बाद महासमुंद लाया गया। पुलिस मामले में आगे की विवेचना और आर्थिक लेन-देन की जांच कर रही है।
पहले भी जब्त किए गए थे 81 लाख रुपये
प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि इससे पहले 7 सितंबर 2026 को आरोपी मनीष अग्रवाल के ग्राम मुड़पार, थाना सरसींवा स्थित मकान में दबिश देकर 81 लाख रुपये नकद जब्त किए गए थे। नवीनतम कार्रवाई में 1.70 करोड़ रुपये नकद जब्त किए जाने की जानकारी दी गई है।
पुलिस ने अपराध से अर्जित संपत्ति की कुर्की और आरोपियों को कथित अवैध आर्थिक लाभ से वंचित करने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 107 के तहत वैधानिक कार्रवाई किए जाने की बात भी कही है।
अब तक सामने आए आरोपी
पुलिस विज्ञप्ति के अनुसार:
- सतपाल सिंह (67 वर्ष) — संचालक, शिव ट्रेडर्स; गिरफ्तारी दिनांक 12 अक्टूबर 2026।
- मनीष अग्रवाल (30 वर्ष) — पुलिस विज्ञप्ति के अनुसार, गिरफ्तारी दिनांक 3 सितंबर 2026।
- पारितोष मिश्रा (47 वर्ष) — संचालक, पीयूष इंटरप्राइजेस; गिरफ्तारी दिनांक 14 सितंबर 2026।
- अखिलेश सिंघल (52 वर्ष) — संचालक, सिंघल इंटरप्राइजेस, संबलपुर; गिरफ्तारी दिनांक 14 सितंबर 2026।
पुलिस के अनुसार, प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), आर्म्स एक्ट और भारतीय वन अधिनियम, 1927 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
जनहित का सवाल: वन संपदा की सुरक्षा और दस्तावेजों की जांच जरूरी
खैर की लकड़ी का अवैध परिवहन केवल वन संपदा को नुकसान पहुंचाने तक सीमित नहीं है। यदि परिवहन अनुमति, ट्रांजिट पास और बिलिंग व्यवस्था में अनियमितताओं की पुष्टि होती है, तो इससे वन विभाग की निगरानी, व्यापारिक दस्तावेजों के सत्यापन और अंतरराज्यीय माल परिवहन व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठते हैं।
ऐसे मामलों में वन विभाग, पुलिस, परिवहन और संबंधित कर विभागों के बीच समन्वय के साथ दस्तावेजों तथा बैंक लेन-देन का सत्यापन जरूरी है। साथ ही, वैध कारोबार करने वाले व्यापारियों को अनावश्यक परेशानी से बचाते हुए दोषियों के विरुद्ध साक्ष्य आधारित कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
सत्य ज्ञान समागम न्यूज लाइव की जनहित अपील: वन संपदा की अवैध कटाई, तस्करी या फर्जी दस्तावेजों से संबंधित कोई विश्वसनीय जानकारी होने पर संबंधित वन विभाग या पुलिस को सूचित करें। किसी व्यक्ति को न्यायालय द्वारा दोषी ठहराए जाने से पहले उसे दोषसिद्ध अपराधी घोषित न करें।
स्रोत: महासमुंद पुलिस अधीक्षक कार्यालय की प्रेस विज्ञप्ति, दिनांक 16 अक्टूबर 2026।
सत्य ज्ञान समागम न्यूज लाइव
न पक्ष, न विपक्ष — केवल निष्पक्ष जनहित।
प्रधान संपादक: सतपाल सिंग भदराजा
Bureau Chief), नुआपाड़ा
- नाम (Name): पुष्पा देवांगन (PUSHPA DEWANGAN)








