🌍 बिलासपुर, 16 अक्टूबर 2026। सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से बिलासपुर जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आरटीआई पोर्टल पर ऑनबोर्डिंग को लेकर एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित इस प्रशिक्षण में जिले के जनसूचना अधिकारियों और प्रथम अपीलीय अधिकारियों ने भाग लिया।पारदर्शिता से मजबूत होगा जनता का विश्वासप्रशिक्षण के दौरान कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकारी कामकाज में इतनी पारदर्शिता होनी चाहिए कि सूचना देते समय किसी जानकारी को छिपाने की आवश्यकता ही न पड़े। उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के साथ अधिकारियों को नियमों के अनुरूप कार्य करने और गलतियों से बचने के लिए भी प्रेरित करता है।कलेक्टर ने अधिकारियों से अधिनियम के प्रावधानों का सावधानीपूर्वक अध्ययन करने और उसकी मूल भावना के अनुरूप कार्य करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आरटीआई को केवल आवेदनों के निराकरण तक सीमित नहीं समझना चाहिए, बल्कि इसे जनहित, लोकतांत्रिक व्यवस्था और नागरिकों के अधिकारों से जोड़कर देखना चाहिए।नागरिकों के हाथ में सूचना, प्रशासन की जवाबदेहीकलेक्टर ने कहा कि लोकतंत्र में आम नागरिक को जानकारी प्राप्त करने का अधिकार मिलना देश के विकास और सुशासन को मजबूती प्रदान करता है। सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ने से जनता को प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जानकारी मिलती है और अधिकारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित होती है।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अधिनियम के प्रावधानों की पर्याप्त जानकारी नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों को दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए अधिकारियों को कानून का अध्ययन करने और उसके प्रावधानों को सही तरीके से समझने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।आरटीआई पोर्टल के उपयोग की दी गई जानकारीप्रशिक्षण के दौरान तकनीकी अधिकारियों ने आरटीआई पोर्टल पर ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया समझाई और पोर्टल के उपयोग से संबंधित जानकारी दी। इसका उद्देश्य संबंधित अधिकारियों को ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से कार्य करने की प्रक्रिया से परिचित कराना था।कलेक्टर ने अधिकारियों को सुझाव दिया कि वे सूचना का अधिकार अधिनियम को केवल सूचना देने वाले अधिकारी के दृष्टिकोण से ही नहीं, बल्कि सूचना मांगने वाले नागरिक के नजरिए से भी पढ़ें। इससे अधिनियम की मंशा और उसके विभिन्न प्रावधानों को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी।इस अवसर पर अपर कलेक्टर डॉ. ज्योति पटेल, डिप्टी कलेक्टर श्री सालिकराम गुप्ता सहित जिले के जनसूचना अधिकारी एवं प्रथम अपीलीय अधिकारी उपस्थित रहे।जनहित संदेशसूचना का अधिकार नागरिकों को शासन-प्रशासन से जवाबदेही मांगने का कानूनी माध्यम प्रदान करता है। वहीं, अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे कानून के अनुसार सूचना उपलब्ध कराएं और पारदर्शी कार्यप्रणाली को बढ़ावा दें। पारदर्शी प्रशासन, जागरूक नागरिक और जवाबदेह व्यवस्था—सुशासन की मजबूत नींव हैं।


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