👉 बदलाव की कहानी : सेवा संकल्प अभियान दुर्गम बैगा-बिरहोर गांवों की दहलीज तक पहुंची स्वास्थ्य की संजीवनी 3 मोबाइल मेडिकल यूनिट बनीं ग्रामीणों के लिए जीवनदायिनी सुविधा, 648 स्वास्थ्य शिविरों में 9,130 हितग्राहियों का पंजीयन


🌍 बिलासपुर, 17 सितंबर 2026। जिले के घने जंगलों और दुर्गम अंचलों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) बैगा और बिरहोर समुदायों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं की राह अब पहले की तुलना में आसान हुई है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और संसाधनों की कमी के कारण जहां कभी सामान्य बीमारी के इलाज के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, वहीं अब मोबाइल मेडिकल यूनिट गांव की चौखट तक पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान पीएम जनमन के तहत दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को पहुंचाने की पहल की गई है। योजना के क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा बिलासपुर जिले को 3 अत्याधुनिक मोबाइल मेडिकल यूनिट उपलब्ध कराई गई हैं।जब गांव तक पहुंचा अस्पतालबिलासपुर जिले के कोटा, तखतपुर और मस्तूरी विकासखंडों में चिन्हांकित 54 बैगा-बिरहोर ग्रामों एवं बसाहटों में से 26 अत्यंत दुर्गम ग्रामों में इन मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। डॉक्टर, नर्स और लैब टेक्नीशियन की टीम गांवों तक पहुंचकर लोगों की जांच, चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध करा रही है।आंकड़े बता रहे बदलाव की तस्वीरमोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से अब तक दूरस्थ अंचलों में 648 स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों में 9,130 हितग्राहियों का पंजीयन हुआ है, जबकि 13,626 चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किए जा चुके हैं।ये आंकड़े बताते हैं कि दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ने से बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर चिकित्सा सुविधा मिल रही है।25 प्रकार की पैथोलॉजी जांच और दवाइयां निःशुल्कमोबाइल मेडिकल यूनिट में ग्रामीणों को 25 प्रकार की पैथोलॉजी जांच और आवश्यक दवाइयां निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीबी, मलेरिया, कुष्ठ, कुपोषण और एनीमिया जैसी समस्याओं की पहचान और उपचार के साथ-साथ मधुमेह, उच्च रक्तचाप और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की स्क्रीनिंग भी की जा रही है।इससे उन परिवारों को विशेष लाभ मिल रहा है, जिन्हें पहले छोटी-छोटी जांच और उपचार के लिए भी दूरस्थ स्वास्थ्य केंद्रों तक जाना पड़ता था।सेवा के संकल्प से बदली तस्वीरबैगा और बिरहोर समुदायों के इन दुर्गम गांवों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच केवल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दूरस्थ जनजातीय परिवारों को स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में सामने आई है।मोबाइल मेडिकल यूनिट का गांव में पहुंचना अब ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य सुविधा मिलने की उम्मीद बन रहा है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने की यह पहल “सेवा संकल्प” को धरातल पर साकार करने वाली बदलाव की कहानी के रूप में सामने आ रही है।







