👉 उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नागरिकों से की सौर ऊर्जा अपनाने की अपील, जिले के 10 गांवों को शत-प्रतिशत सोलर से जोड़ने का लक्ष्य


🌍 सत्य ज्ञान समागम न्यूज लाइव | बिलासपुर, छत्तीसगढ़ | 16 अक्टूबर 2026 :-बिलासपुर। घर की छत पर सोलर पैनल लगाकर बिजली खर्च में कमी लाने और अतिरिक्त बिजली से आय प्राप्त करने की संभावनाएं बढ़ रही हैं। केंद्र सरकार की पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को लेकर बिलासपुर में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नागरिकों से सौर ऊर्जा अपनाने और योजना का लाभ लेने की अपील की।
लखीराम अग्रवाल स्मृति ऑडिटोरियम में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में योजना के लाभों, सोलर संयंत्र की स्थापना और ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर जोर दिया गया।
हितग्राही ने बताया—बिजली बिल शून्य, ढाई हजार रुपये की कमाई
कार्यक्रम में योजना के लाभार्थी जयंत सरकार ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने सितंबर 2025 में सोलर संयंत्र लगवाया था। उनके अनुसार, संयंत्र लगाने के बाद उनका बिजली बिल शून्य हो गया और अब तक उन्हें लगभग 2,500 रुपये की अतिरिक्त आय भी हुई है।
हालांकि, बिजली बिल और अतिरिक्त आय का वास्तविक लाभ संयंत्र की क्षमता, बिजली खपत, मौसम, नेट मीटरिंग तथा बिजली वितरण कंपनी के नियमों पर निर्भर करता है। इसलिए प्रत्येक उपभोक्ता का परिणाम अलग हो सकता है।
अरुण साव बोले—सौर ऊर्जा भविष्य के लिए लाभकारी निवेश
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि घरों से लेकर उद्योगों तक बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में सौर ऊर्जा बिजली उत्पादन का महत्वपूर्ण विकल्प बन रही है। उन्होंने कहा कि नागरिक अपनी जरूरत की बिजली स्वयं तैयार कर सकते हैं और अतिरिक्त बिजली को निर्धारित नियमों के तहत ग्रिड में देकर आर्थिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने योजना के क्रियान्वयन में जुटे बिजली विभाग के अधिकारियों की सराहना करते हुए पात्र हितग्राहियों तक योजना का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया।
बिलासपुर में 7,500 सोलर संयंत्र स्थापित
कार्यक्रम में बिजली विभाग के अधिकारियों ने जिले में योजना की प्रगति की जानकारी दी। अधीक्षण अभियंता सुरेश जांगड़े के अनुसार:
- जिले में 46,000 सोलर संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
- लगभग 13,000 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
- करीब 7,500 सोलर संयंत्र स्थापित हो चुके हैं।
- जिले में केंद्र और राज्य सरकार की सहायता से लगभग 100 करोड़ रुपये का अनुदान दिए जाने की जानकारी दी गई।
बताया गया कि अनुदान में केंद्र सरकार के 72 करोड़ रुपये और राज्य सरकार के 28 करोड़ रुपये शामिल हैं।
कितनी मिलती है सब्सिडी?
कार्यक्रम में दी गई जानकारी के अनुसार, सोलर संयंत्र की क्षमता के आधार पर सहायता इस प्रकार बताई गई:
- 1 किलोवॉट: 45,000 रुपये तक
- 2 किलोवॉट: 90,000 रुपये तक
- 3 किलोवॉट: 1,08,000 रुपये तक
महत्वपूर्ण: ये आंकड़े कार्यक्रम में प्रस्तुत जानकारी पर आधारित हैं। आवेदन करने से पहले वर्तमान केंद्रीय एवं छत्तीसगढ़ राज्य की सब्सिडी, पात्रता और लागू शर्तों की आधिकारिक पोर्टल या बिजली विभाग से पुष्टि अवश्य करें।
10 गांवों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि जिले के 10 गांवों को शत-प्रतिशत सौर ऊर्जा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने पॉम एन्क्लेव का उल्लेख करते हुए कहा कि सौर ऊर्जा अपनाने वाले आवासीय क्षेत्र दूसरे इलाकों के लिए प्रेरणा बन सकते हैं।
उन्होंने योजना का अधिकाधिक प्रचार करने और पात्र परिवारों को इससे जोड़ने की बात कही। सौर ऊर्जा से बिजली खर्च कम करने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दिया जा सकता है।
हितग्राहियों और उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान
कार्यक्रम में क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी और पाठ्यपुस्तक निगम अध्यक्ष राजा पांडे ने भी सौर ऊर्जा के विस्तार पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने संयंत्र लगाने के साथ उसके उचित रखरखाव और उद्योगों में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने पर जोर दिया।
इस अवसर पर जयंत सरकार, सरोज तिवारी, लक्ष्मी देवी लहरे, गायत्री ठाकुर और प्रतिभा शुक्ला सहित दो दर्जन हितग्राहियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। योजना के क्रियान्वयन में योगदान देने वाले बिजली विभाग के अधिकारियों, वेंडर्स और बैंक अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, महापौर पूजा विधानी, सहकारी बैंक अध्यक्ष रजनीश सिंह और नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
जनहित में अपील
बिलासपुर के नागरिक पीएम सूर्यघर योजना के अंतर्गत सोलर संयंत्र लगवाने से पहले अपनी बिजली खपत, छत पर उपलब्ध स्थान, संयंत्र की क्षमता, कुल लागत, सब्सिडी और नेट मीटरिंग की शर्तों की जानकारी लें। अधिकृत वेंडर के माध्यम से ही स्थापना कराएं और अनुदान के नाम पर किसी अपुष्ट व्यक्ति को भुगतान न करें।
सौर ऊर्जा की ओर बढ़ता कदम बिजली खर्च में राहत, स्वच्छ पर्यावरण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
— सत्य ज्ञान समागम न्यूज लाइव
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