🌍 बिलासपुर। भारतीय किसान संघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश जिला बिलासपुर के तहसील इकाई द्वारा किसानों की विभिन्न समस्याओं एवं मांगों को लेकर बुधवार को तहसीलदार को 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन कार्यक्रम का नेतृत्व तहसील अध्यक्ष खगेश ने किया। इस अवसर पर भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष माधव सिंह एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष गजानन दीघ्रस्कर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।भारतीय किसान संघ ने ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश सरकार के समक्ष किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाते हुए उनके निराकरण की मांग की। संघ की प्रमुख मांगों में गौवंदन योजना को तत्काल लागू करने, जी राम जी योजना को गौ संरक्षण एवं गौ संवर्धन से जोड़ने तथा धान खरीदी वर्ष 2022-23 की कथित रूप से लंबित 1700 करोड़ रुपये की राशि किसानों को प्रदान करने की मांग शामिल है।संघ ने धान के समर्थन मूल्य में प्रत्येक वर्ष कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत 800 रुपये की राशि जोड़ने तथा सब्जी और फल उत्पादक किसानों को भी कृषक उन्नति योजना में शामिल करने की मांग रखी है।इसके अलावा धान खरीदी की अवधि 15 नवंबर से 15 फरवरी तक निर्धारित करने, प्रति तौल 40 किलो 700 ग्राम से अधिक धान नहीं लेने का आदेश जारी करने, एग्रीस्टेक में पंजीयन से संबंधित किसानों की समस्याओं को देखते हुए नियमों में शिथिलता देने की मांग की गई।धान खरीदी की टोकन व्यवस्था में सुधार करते हुए बड़े किसानों के लिए पांच तथा लघु एवं सीमांत किसानों के लिए तीन एवं एक टोकन की व्यवस्था करने और धान खरीदी के दौरान अनावश्यक दबाव डालकर खाता समर्पण कराने की प्रक्रिया बंद करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।किसान संघ ने गन्ने के मूल्य में 150 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी करने तथा इसे कृषक उन्नति योजना से जोड़ने, अधूरी सिंचाई परियोजनाओं में तेजी लाने और अधिक सिंचाई क्षमता वाली नई परियोजनाओं, जिसमें पैरी हाईडैम योजना भी शामिल है, को तत्काल स्वीकृति देने की मांग की।ज्ञापन में विद्युत विभाग के निजीकरण पर रोक लगाने, बाजार में निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर खाद बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में उदयपुर डिक्लेरेशन के अनुसार कार्य करने की मांग भी रखी गई।11 सूत्रीय प्रमुख मांगें1. गौवंदन योजना लागू कर जी राम जी योजना को गौ संरक्षण एवं संवर्धन से जोड़ा जाए।2. धान खरीदी वर्ष 2022-23 की लंबित 1700 करोड़ रुपये की राशि किसानों को दी जाए।3. कृषक उन्नति योजना में 800 रुपये प्रतिवर्ष जोड़कर सब्जी एवं फल उत्पादक किसानों को भी शामिल किया जाए।4. धान खरीदी 15 नवंबर से 15 फरवरी तक हो तथा 40 किलो 700 ग्राम से अधिक तौल पर रोक लगे।5. एग्रीस्टेक पंजीयन की समस्याओं को देखते हुए नियमों में शिथिलता दी जाए।6. धान खरीदी की टोकन व्यवस्था में सुधार हो तथा खाता समर्पण के लिए अनावश्यक दबाव बंद हो।7. गन्ने के मूल्य में 150 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि कर कृषक उन्नति योजना में जोड़ा जाए।8. अधूरी सिंचाई परियोजनाओं को गति देकर पैरी हाईडैम जैसी नई परियोजनाओं को स्वीकृति दी जाए।9. विद्युत विभाग के निजीकरण पर रोक लगाई जाए।10. अधिक मूल्य पर खाद बेचने वाले विक्रेताओं पर रोक लगाकर कड़ी कार्रवाई की जाए।11. भूमि अधिग्रहण में उदयपुर डिक्लेरेशन के अनुसार कार्य किया जाए।भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद साहू ने तहसील एवं ग्राम समितियों के कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि 16 सितंबर को अपने-अपने तहसील मुख्यालयों में बड़ी संख्या में पहुंचकर शांतिपूर्ण ढंग से ज्ञापन कार्यक्रम को सफल बनाएं।


लक्ष्मी प्रसाद साहू जिलाध्यक्ष भारतीय किसान संघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश जिला बिलासपुर





