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🏠 होम › छत्‍तीसगढ समाचार › छत्तीसगढ़ मानव अधिकार jjf ने 166 आदिवासियों को…

छत्तीसगढ़ मानव अधिकार jjf ने 166 आदिवासियों को 66 करोड़ के कथित वन क्षति मामले में न्याय दिलवाया: सी.एस. चौहान..!

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने धमतरी जिले के उदंती टाइगर रिजर्व से जुड़े लगभग 66 करोड़ रुपये के कथित वन क्षति प्रकरण में 166 आदिवासी महिला एवं पुरुष आरोपियों को अग्रिम जमानत प्रदान करते हुए महत्वपूर्ण राहत दी है।

अभियोजन के अनुसार, उदंती टाइगर रिजर्व क्षेत्र में कथित रूप से साल एवं अन्य प्रजातियों के वृक्षों की कटाई, भूमि पर अतिक्रमण तथा लकड़ी के विक्रय के आरोप में 166 ग्रामीणों के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम एवं वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया गया था। इनमें बड़ी संख्या वृद्ध महिलाओं एवं बुजुर्ग पुरुषों की है,जो स्वयं लकड़ी के सहारे चलते है।

सभी आरोपियों ने पहले अपर सत्र न्यायालय, धमतरी में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था, किंतु राहत नहीं मिलने पर उन्होंने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के अधिवक्ता एवं छत्तीसगढ़ मानव अधिकार JJF सेवा संस्थान के प्रदेश अध्यक्ष सी.एस. चौहान को निराकरण/राहत हेतु लिखित आवेदन दिए।

मिस्टर चौहान ने इस मामला को गंभीरता लेते हुए, माननीय उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर किया।

मामला के सुनवाई के दौरान अधिवक्ता सी.एस. चौहान ने न्यायालय के समक्ष विस्तृत विधिक एवं तथ्यात्मक तर्क प्रस्तुत करते हुए कहा कि आरोपियों में अधिकांश वृद्ध एवं आदिवासी ग्रामीण हैं। उन्होंने यह भी तर्क रखा कि मामले में कथित रूप से काटी गई लकड़ी अथवा घटना में प्रयुक्त किसी उपकरण की बरामदगी नहीं दर्शाई गई है। साथ ही अभयारण्य क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था सहित अन्य तथ्यों की ओर भी न्यायालय का ध्यान आकर्षित किया गया।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने सभी 166 आरोपियों को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी।

निर्णय के बाद छत्तीसगढ़ मानव अधिकार JJF एवं संबंधित आदिवासी परिवारों ने न्यायपालिका के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें न्यायालय की निष्पक्ष न्याय व्यवस्था पर पूर्ण विश्वास है।