ब्रेकिंग न्यूज़
बिलासपुर के तालापारा बजरंग चौक में धूमधाम से मनाया गया दुर्गा उत्सव का गौरवशाली दूसरा वर्ष…मेंड्रा में दिल दहला देने वाली वारदात: 3 साल की बच्ची को बचाने आई दादी की धारदार हथियार के हमले में मौत, आरोपी गिरफ्तार..!बिलासपुर के निजी अस्पतालों की निष्पक्ष जांच जरूरी, मरीजों के हितों की सुरक्षा करे राज्य सरकारस्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल; इलाज, बिलिंग, आयुष्मान योजना और अस्पतालों के पंजीयन की हो नियमित जांच….बाबा नीम करौली जी महाराज का संदेश: भूखे को भोजन कराना मानवता की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक…नशामुक्त भारत और राष्ट्रीय एकता का संदेश लेकर बेमेतरा पहुंची राष्ट्रीय मोटर साइकिल रैली…सभी अटल आवासों की हो नियमित जांच, पात्र हितग्राहियों की पहचान से लेकर सुरक्षा और अवैध कब्जों तक की हो पड़ताल…निष्पक्षता, संस्कार और जनसरोकार के 10 गौरवमयी वर्ष ‘सत्य ज्ञान समागम’ ने पत्रकारिता से समाज को दी नई दिशा…🚨 जनहित विशेष रिपोर्ट: किराना दुकानों से लेकर बड़े संस्थानों तक हो सघन जांच, एक्सपायरी दवाइयों और खाद्य सामग्री की बिक्री पर लगे रोक…🔴 धान खरीदी 2026-27: छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए बड़ी खबर! 15 नवंबर से खरीदी शुरू होने की संभावना, 31 जनवरी तक चल सकती है प्रक्रिया…न्यायधानी की जनता के जरूरी मुद्दे: सड़क मरम्मत, सरकारी सुविधाएं और सुरक्षा पर जवाबदेही जरूरी…छत्तीसगढ़ में जीएसटी जाँच का दायरा बढ़ाने की जरूरत? बाजारों से गोदामों तक हो नियमों के पालन की पड़ताल…मोदी सरकार की योजनाओं से जनता को क्या-क्या लाभ? कई सुविधाओं का लाभ लेने के लिए जरूरी जानकारी और हेल्पलाइन नंबर जारी…बिलासपुर के तालापारा बजरंग चौक में धूमधाम से मनाया गया दुर्गा उत्सव का गौरवशाली दूसरा वर्ष…मेंड्रा में दिल दहला देने वाली वारदात: 3 साल की बच्ची को बचाने आई दादी की धारदार हथियार के हमले में मौत, आरोपी गिरफ्तार..!बिलासपुर के निजी अस्पतालों की निष्पक्ष जांच जरूरी, मरीजों के हितों की सुरक्षा करे राज्य सरकारस्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल; इलाज, बिलिंग, आयुष्मान योजना और अस्पतालों के पंजीयन की हो नियमित जांच….बाबा नीम करौली जी महाराज का संदेश: भूखे को भोजन कराना मानवता की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक…नशामुक्त भारत और राष्ट्रीय एकता का संदेश लेकर बेमेतरा पहुंची राष्ट्रीय मोटर साइकिल रैली…सभी अटल आवासों की हो नियमित जांच, पात्र हितग्राहियों की पहचान से लेकर सुरक्षा और अवैध कब्जों तक की हो पड़ताल…निष्पक्षता, संस्कार और जनसरोकार के 10 गौरवमयी वर्ष ‘सत्य ज्ञान समागम’ ने पत्रकारिता से समाज को दी नई दिशा…🚨 जनहित विशेष रिपोर्ट: किराना दुकानों से लेकर बड़े संस्थानों तक हो सघन जांच, एक्सपायरी दवाइयों और खाद्य सामग्री की बिक्री पर लगे रोक…🔴 धान खरीदी 2026-27: छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए बड़ी खबर! 15 नवंबर से खरीदी शुरू होने की संभावना, 31 जनवरी तक चल सकती है प्रक्रिया…न्यायधानी की जनता के जरूरी मुद्दे: सड़क मरम्मत, सरकारी सुविधाएं और सुरक्षा पर जवाबदेही जरूरी…छत्तीसगढ़ में जीएसटी जाँच का दायरा बढ़ाने की जरूरत? बाजारों से गोदामों तक हो नियमों के पालन की पड़ताल…मोदी सरकार की योजनाओं से जनता को क्या-क्या लाभ? कई सुविधाओं का लाभ लेने के लिए जरूरी जानकारी और हेल्पलाइन नंबर जारी…
🔔

न्यूज़ अलर्ट चालू करें

ब्रेकिंग न्यूज़ की तुरंत जानकारी पाएं

💬
🏠 होम › देश › राजधानी महाविद्यालय में उभरते प्रदूषकों एवं जलवायु तन्यकता…

राजधानी महाविद्यालय में उभरते प्रदूषकों एवं जलवायु तन्यकता पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन…!

दिल्ली विश्वविद्यालय संबद्ध राजधानी महाविद्यालय ने 29–30 जनवरी 2026 को अपने परिसर स्थित सभागार में उभरते प्रदूषकों एवं जलवायु लचीलापन (ICEPCR) विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का सफल आयोजन किया। इस सम्मेलन का संयुक्त आयोजन पर्यावरण जागरूकता समिति, राजधानी महाविद्यालय एवं पर्यावरण अध्ययन विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा किया गया। सम्मेलन को अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST), भारत सरकार से वित्तीय सहयोग प्राप्त हुआ।

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारत एवं विदेशों से आए प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, पर्यावरण विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं, शिक्षकगण तथा विद्यार्थियों ने भाग लिया। सम्मेलन ने उभरती पर्यावरणीय चुनौतियों पर अंतरविषयक संवाद के लिए एक सशक्त एवं प्रभावी मंच प्रदान किया।

उद्घाटन सत्र में प्रो. राधेश्याम शर्मा – अध्यक्ष, पर्यावरण अध्ययन विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ प्रो. अमित कुमार सिंह – अध्यक्ष, शासी निकास राजधानी महाविद्यालय तथा प्रो. दर्शन पांडेय – प्राचार्य, राजधानी महाविद्यालय की गरिमामयी उपस्थिति रही। वक्ताओं ने सम्मेलन की विषयवस्तु के शैक्षणिक एवं सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला।

सम्मेलन के दौरान अनेक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा मुख्य भाषण एवं आमंत्रित व्याख्यान प्रस्तुत किए गए। इनमें प्रो. वंदना मिश्रा (दिल्ली विश्वविद्यालय), प्रो. युताका मात्सुमी एवं प्रो. साचिको हयाशिदा (जापान), डॉ. नरेंद्र सिंह (एरीज, नैनीताल), डॉ. प्रवीण कुमार एवं डॉ. अखिलेश मिश्रा (एनसीएमआरडब्ल्यूएफ), प्रो. पी. के. जोशी (जेएनयू) तथा डॉ. अनुपम जोशी (विश्व बैंक) प्रमुख रहे।

तकनीकी सत्र चार प्रमुख विषयों पर आयोजित किए गए— उभरते प्रदूषक एवं उनका उपचार, जलवायु परिवर्तन एवं समाधान, जलवायु परिवर्तन, प्रदूषक एवं स्वास्थ्य का अंतर्संबंध, तथा स्वदेशी ज्ञान प्रणालियाँ एवं जलवायु लचीलापन। इन सत्रों के माध्यम से नवीन वैज्ञानिक शोध, नीति-निर्माण ढाँचों एवं समुदाय-आधारित समाधानों पर सार्थक एवं व्यापक चर्चा हुई।

सम्मेलन में संकाय सदस्यों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों द्वारा मौखिक एवं पोस्टर प्रस्तुतियाँ भी दी गईं, जिससे युवा शोधकर्ताओं को अपने शोध कार्य प्रस्तुत करने एवं विशेषज्ञों से संवाद स्थापित करने का महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ। 150 से अधिक प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी ने सम्मेलन को अत्यंत सफल बनाया।

सम्मेलन के सफल आयोजन में प्रो. सुरेंद्र. कुमार ढाका एवं प्रो. पंकज गर्ग का उल्लेखनीय योगदान रहा, जिन्होंने आयोजन समिति, समन्वय एवं समग्र प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

समापन सत्र में प्रो. बलराम पाणि, डीन, कॉलेजेस, दिल्ली विश्वविद्यालय, मुख्य अतिथि के रूप में तथा श्री पुनित सूद जी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सत्र की अध्यक्षता प्रो. दर्शन पांडेय ने की। इस अवसर पर श्रेष्ठ मौखिक एवं पोस्टर प्रस्तुतियों के लिए पुरस्कार वितरित किए गए। सम्मेलन संयोजक डॉ. तपस्या तोमर एवं डॉ. अतिंदर पाल सिंह ने सम्मेलन के प्रमुख निष्कर्ष प्रस्तुत करते हुए पर्यावरण एवं जलवायु संबंधी चुनौतियों से निपटने हेतु सतत सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।

उभरते प्रदूषकों एवं जलवायु लचीलापन पर यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता, वैश्विक सहभागिता तथा समकालीन पर्यावरणीय मुद्दों की प्रासंगिकता के लिए व्यापक रूप से सराहा गया। सम्मेलन का समापन एक सुदृढ़, सतत एवं जलवायु-लचीले भविष्य के लिए अनुसंधान, नीति-संलग्नता एवं सतत व्यवहारों को आगे बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता के साथ हुआ।