🌍 बेमेतरा, 21 सितंबर 2026। पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल (IPS) ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभा कक्ष में जिले के राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना-चौकी प्रभारियों की अपराध समीक्षा बैठक ली। बैठक में कानून व्यवस्था, लंबित अपराधों के निराकरण, जनशिकायतों के त्वरित समाधान, साइबर अपराध, नशे के कारोबार और आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग सहित विभिन्न विषयों की समीक्षा की गई।एसपी ने समयबद्ध आपराधिक प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करते हुए 60 से 90 दिनों के भीतर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। लंबित अपराध, मर्ग, गुम इंसान और विवेचना में तेजी लाने के साथ फरार आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।नशे और अवैध गतिविधियों पर सख्तीबैठक में अवैध शराब, जुआ, सट्टा, गांजा, नशीली दवाओं तथा ऑनलाइन साइबर अपराधों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। स्थायी वारंटों की तामिली, असामाजिक तत्वों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, नाइट पेट्रोलिंग, विजिबल पुलिसिंग तथा गौ-वंश तस्करी के मामलों में भी सख्ती बरतने को कहा गया।जनता की शिकायतों का समयबद्ध समाधान प्राथमिकताएसपी ने सीएम हेल्पलाइन 1076 में प्राप्त शिकायतों और आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। थाना-चौकी प्रभारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर आम लोगों से सीधा संवाद स्थापित करने तथा स्थानीय समस्याओं की जानकारी लेकर उनके समाधान की दिशा में कार्रवाई करने को कहा गया।उन्होंने थाना आने वाले फरियादियों की शिकायतें धैर्यपूर्वक सुनने तथा महिलाओं और बुजुर्गों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।महिलाओं और बच्चों के मामलों में तेजीऑपरेशन मुस्कान के तहत महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए। साथ ही साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया अपराध और एटीएम फ्रॉड के प्रति आम नागरिकों को जागरूक करने के लिए ग्रामों, हाट-बाजारों, स्कूल-कॉलेजों में अभियान चलाने पर जोर दिया गया।ई-साक्ष्य और आधुनिक तकनीक पर विशेष जोरएसपी ने अपराधों की विवेचना को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए ई-साक्ष्य का वैज्ञानिक एवं समयबद्ध संकलन, ई-समन की समय पर तामिली और ई-चालान न्यायालय में समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। नफीस एवं फिंगर प्रिंट का अधिकतम उपयोग करने पर भी विशेष जोर दिया गया।सीसीटीएनएस के अंतर्गत MedLEaPR के माध्यम से एमएलसी एवं पीएम रिपोर्ट की ऑनलाइन प्रक्रिया को प्रभावी और समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए गए।किरायेदारों और बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन पर जोरबैठक में मकान मालिकों, होटल-लॉज संचालकों तथा विभिन्न औद्योगिक एवं व्यावसायिक संस्थानों में कार्यरत बाहरी श्रमिकों और कर्मचारियों के सत्यापन पर भी जोर दिया गया। पुलिस ने मकान किराये पर देने से पहले संबंधित व्यक्ति की जानकारी थाने में देने तथा होटल-लॉज में ठहरने वाले व्यक्तियों का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सत्यापन करने की अपील की।भीड़भाड़ वाले स्थानों और संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित चेकिंग तथा संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान एवं आवश्यक सत्यापन के निर्देश भी दिए गए।सड़क दुर्घटना पीड़ितों को कैशलेस उपचारसड़क दुर्घटनाओं में घायल पीड़ितों को पीएम राहत योजना, iRAD एवं e-DAR प्लेटफॉर्म के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के तहत अधिकतम ₹1.50 लाख तक कैशलेस उपचार सुविधा दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।सामुदायिक पुलिसिंग और मजबूत सूचना तंत्र पर जोरएसपी ने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए केवल पुलिस कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जनता की भागीदारी और मजबूत सूचना तंत्र भी जरूरी है। साइबर जागृति अभियान, समाधान ऐप, सशक्त ऐप, त्रिनयन ऐप और अन्य तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए स्मार्ट एवं विजिबल पुलिसिंग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए।बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. हरीश यादव, एसडीओपी बेमेतरा भूषण एक्का, एसडीओपी बेरला रूचि वर्मा सहित जिले के विभिन्न अधिकारी, थाना-चौकी प्रभारी एवं पुलिस कर्मचारी उपस्थित रहे।









