👉 छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी, 160 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य छोटे किसानों को मिलेगी प्राथमिकता
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की तैयारी तेज, किसानों के लिए पंजीयन, टोकन और खरीदी नियमों की जानकारी रखना जरूरी
🌍 रायपुर, 16 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए धान खरीदी को लेकर महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश में धान खरीदी 15 नवंबर 2026 से शुरू होकर 31 जनवरी 2027 तक चलने की जानकारी दी गई है। इस वर्ष 160 लाख मीट्रिक टन धान उपार्जन का लक्ष्य बताया गया है। नई व्यवस्था में छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता देने तथा खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।


छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता देने की बात
प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, खरीदी केंद्रों पर प्रतिदिन खरीदे जाने वाले कुल धान में 70 प्रतिशत हिस्सा लघु एवं सीमांत किसानों से लेने तथा शेष 30 प्रतिशत बड़े किसानों से खरीदी का प्रावधान बताया गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य छोटे किसानों को धान बेचने का अवसर प्राथमिकता से उपलब्ध कराना है।
हालांकि, इन प्रावधानों को लागू करने की प्रक्रिया और पात्रता संबंधी विस्तृत जानकारी के लिए किसानों को संबंधित सरकारी आदेश एवं अपनी सहकारी समिति से पुष्टि करनी चाहिए।
किसानों के लिए जरूरी है समय पर तैयारी
धान खरीदी के दौरान किसी तरह की परेशानी से बचने के लिए किसानों को कुछ महत्वपूर्ण बातों पर ध्यान देना चाहिए।
- पंजीयन: अपना किसान पंजीयन और भूमि संबंधी रिकॉर्ड जांच लें।
- टोकन: धान बेचने के लिए टोकन प्राप्त करने की प्रक्रिया और निर्धारित समयसीमा की जानकारी संबंधित समिति से लें।
- भूमि एवं फसल का रिकॉर्ड: रकबे और धान की मात्रा से संबंधित विवरण में त्रुटि होने पर समय रहते सुधार कराएं।
- गुणवत्ता मानक: धान की नमी और गुणवत्ता से जुड़े लागू नियमों की जानकारी प्राप्त करें।
- भुगतान: बैंक खाते का विवरण सही रखें और धान बिक्री के बाद भुगतान की स्थिति की जांच करें।
जनहित में पारदर्शी खरीदी व्यवस्था जरूरी
धान खरीदी छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की आय से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। ऐसे में खरीदी केंद्रों पर स्पष्ट सूचना, टोकन व्यवस्था में पारदर्शिता, तौल में निष्पक्षता और भुगतान संबंधी शिकायतों का समय पर निराकरण जरूरी है।
प्रशासन और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है कि किसानों को नियमों की सही जानकारी समय पर मिले, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। वहीं, किसानों को भी अपने दस्तावेज और पंजीयन संबंधी जानकारी पहले से तैयार रखनी चाहिए।
महत्वपूर्ण सूचना: धान खरीदी की तारीख, 160 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य तथा छोटे किसानों के लिए बताए गए प्रावधानों की अंतिम पुष्टि छत्तीसगढ़ शासन की आधिकारिक खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 नीति से की जानी चाहिए। किसान नवीनतम जानकारी के लिए छत्तीसगढ़ खाद्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखें या अपनी संबंधित सहकारी समिति से संपर्क करें।
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