अवैध मुरूम और रेत उत्खनन पर कार्रवाई के दौरान बवाल, जनपद सदस्य व ग्रामीणों से धक्का-मुक्की
पंडरिया / कबीरधाम। जनपद पंचायत पंडरिया क्षेत्र क्रमांक-12 के सदस्य श्री गजपति साहू द्वारा क्षेत्र में लगातार हो रहे अवैध मुरूम एवं रेत उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई की गई। पंचायत राज अधिनियम द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जनपद सदस्य ने ग्रामीणों की उपस्थिति में पंचनामा तैयार कर अवैध उत्खनन में उपयोग हो रहे वाहन और मशीनों को जप्त किया तथा ग्राम कोटवार को सुपुर्द कर दिया।
इसके बाद मामला थाना कुंडा, जनपद पंडरिया के माध्यम से खनिज विभाग कवर्धा को राजसात एवं अग्रिम दंडात्मक कार्रवाई के लिए भेजा गया।

सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान कथित तौर पर ठेकेदार विनोद अग्रवाल (कवर्धा) के गुर्गे मौके पर पहुंच गए और उन्होंने जनपद सदस्य तथा ग्रामीणों को धमकाया और धक्का-मुक्की की। आरोप है कि उन्होंने बलपूर्वक जप्त किए गए वाहन और मशीनों को मौके से उठाकर ले गए। इस पूरी घटना की ग्रामीणों द्वारा वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई है, जो अब शिकायत के साथ पुलिस को सौंपी जा रही है।
घटना के बाद जनपद सदस्य और ग्रामीणों ने थाना कुंडा में शासकीय कार्य में बाधा, धमकी और अवैध हस्तक्षेप की लिखित शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों का कहना है कि अवैध उत्खनन की शिकायत खनिज विभाग, पुलिस और राजस्व विभाग को लगातार दी जा रही थी, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं होने के कारण ठेकेदारों के हौसले बुलंद हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार अपने प्रभाव और पहुंच का हवाला देकर अवैध उत्खनन को जारी रखे हुए हैं। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि जब पंचायत राज अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही थी, तब इस प्रकार बलपूर्वक रोकना पंचायत प्रतिनिधियों की शक्तियों का खुला उल्लंघन है।

मुख्यमंत्री और खनिज विभाग से हस्तक्षेप की मांग
ग्रामीणों और जनपद सदस्य ने मुख्यमंत्री तथा खनिज विभाग से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि अवैध उत्खनन पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्र में पर्यावरणीय नुकसान के साथ-साथ कानून व्यवस्था की स्थिति भी बिगड़ सकती है।
ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि जप्त किए गए वाहन और मशीनों को बलपूर्वक ले जाने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए तथा अवैध उत्खनन में संलिप्त ठेकेदारों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
सूत्रों का कहना है कि पूरे मामले की वीडियो और शिकायत अब प्रशासन और पुलिस के पास पहुंच चुकी है, जिससे आने वाले दिनों में इस मामले में बड़ी कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।पंचायत मंत्री के गृह जिला में पंचायत प्रतिनिधियों का अधिकार सुरक्षित नही ,,



