नई दिल्ली/बिलासपुर, 5 जून। देश में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के मामलों को लेकर युवाओं और छात्रों में लगातार आक्रोश देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समस्या केवल वर्तमान सरकार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूर्ववर्ती सरकारों और विभिन्न राज्यों के शासनकाल में भी कई बड़े पेपर लीक और भर्ती घोटालों के मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे में किसी एक दल या सरकार को ही दोषी ठहराने के बजाय पूरे तंत्र की निष्पक्ष समीक्षा और जवाबदेही तय किए जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।


इसी बीच, सोशल मीडिया से उभरी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा 6 जून को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की घोषणा की गई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शन की अनुमति और उससे जुड़ी प्रक्रियाओं को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। पार्टी की ओर से शांतिपूर्ण आंदोलन की बात कही गई है, जबकि विभिन्न वर्गों में इसकी रणनीति और उद्देश्यों को लेकर भी प्रश्न उठाए जा रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग की जा रही है, तो यह मांग निष्पक्ष रूप से सभी सरकारों, सभी दलों और पूरे प्रशासनिक तंत्र की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में होनी चाहिए। साथ ही किसी भी नए संगठन या आंदोलन के वास्तविक उद्देश्यों, वित्तीय स्रोतों और कार्यप्रणाली के संबंध में पारदर्शिता भी लोकतंत्र की मूल आवश्यकता है।
पत्रकार संघ भारत की मांग
पत्रकार संघ भारत के प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह भदराजा, बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ने मांग की है कि—
पेपर लीक और भर्ती घोटालों के मामलों में दोषियों के लिए कठोर और प्रभावी कानून बनाया जाए।
ऐसे अपराधों को राष्ट्रीय सुरक्षा और करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर अपराध मानते हुए कड़ी सजा का प्रावधान किया जाए।
सभी बड़े पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए CBI, ED, SIT तथा अन्य सक्षम जांच एजेंसियों की निगरानी में व्यापक जांच कराई जाए।
यह जांच किसी एक सरकार या दल तक सीमित न होकर, पूर्व में हुई सभी प्रमुख परीक्षा अनियमितताओं और संबंधित नेटवर्क तक पहुंचनी चाहिए।
छात्रों और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले संगठित गिरोहों, भ्रष्ट अधिकारियों तथा संरक्षण देने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पत्रकार संघ भारत का मत
लोकतंत्र में आंदोलन और विरोध का अधिकार संविधान प्रदत्त है, लेकिन जनहित और देशहित में यह भी आवश्यक है कि किसी भी मुद्दे को राजनीतिक लाभ तक सीमित न रखकर व्यापक और निष्पक्ष दृष्टिकोण से देखा जाए। देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले तत्वों पर सख्त कानून, निष्पक्ष जांच और जवाबदेही ही समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
— सत्य ज्ञान समागम प्रेस न्यूज पोर्टल
— पत्रकार संघ भारत
प्रदेश अध्यक्ष : सतपाल सिंह भदराजा
बिलासपुर, छत्तीसगढ़



