🌍 रायपुर/बिलासपुर:छत्तीसगढ़ में अवैध कबाड़ कारोबार का काला खेल खुलेआम फल-फूल रहा है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक चोरी की गाड़ियां, बाइक और ट्रैक्टर को काटकर कबाड़ के रूप में बेचा जा रहा है। इस अवैध धंधे में करोड़ों का खेल चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठे हैं।
सूत्रों के अनुसार, रात के अंधेरे में चोरी की गई गाड़ियों को कबाड़ गोदामों में लाया जाता है, जहां नंबर प्लेट और पहचान मिटाकर उन्हें काट दिया जाता है। इसके बाद लोहे, इंजन और अन्य पार्ट्स को अलग-अलग हिस्सों में बेच दिया जाता है।
🚨 पुलिस की कार्रवाई, लेकिन सवाल बरकरार
हाल ही में पुलिस ने कुछ इलाकों में छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध कबाड़ जब्त किया है। मौके से कटी हुई गाड़ियां, इंजन और चोरी के अन्य सामान भी मिले हैं। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कारोबार लंबे समय से चल रहा है, लेकिन कार्रवाई सिर्फ दिखावे तक सीमित है।
🗣️ स्थानीय लोगों का आरोप
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क में बड़े कबाड़ माफिया शामिल हैं, जिन्हें राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है। इसी कारण बार-बार शिकायतों के बावजूद यह अवैध कारोबार बंद नहीं हो पा रहा।
❓ बड़े सवाल
चोरी की गाड़ियां कबाड़ गोदामों तक कैसे पहुंच रही हैं?
कबाड़ खरीदने-बेचने की जांच कौन कर रहा है?
क्या कबाड़ माफिया कानून से ऊपर हैं?
📌 जरूरत सख्त कार्रवाई की
अगर समय रहते अवैध कबाड़ कारोबार पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो यह अपराध और संगठित रूप ले सकता है। जनता अब सिर्फ कार्रवाई नहीं, बल्कि स्थायी समाधान चाहती है।
बिलासपुर शहर व ग्रामीण क्षेत्र में चल रहा है अवैध कबाड़ का कारोबार सरकार दे ध्यान।

सिरगिटी थाना, कोनी, सरकंडा, कोतवाली थाना, तारबहार क्षेत्र में विशेष कृपा है कबाड़ियों पर रतनपुर में आदेश नहीं होने के बाद भी चल रहा है अवैध कबाड़ का काला कारोबार करने वाले की अगर सरकार इनकी संपत्ति जांच की जाए तो हैरान करने वाला तथ्य सामने आएगा जांच करें तब…❓



