अंबिकापुर स्थित बिरला ओपन माइंड इंटरनेशनल स्कूल में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा किए गए आकस्मिक निरीक्षण में गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं। 10 अप्रैल 2026 को हुए इस निरीक्षण में साफ पाया गया कि स्कूल प्रबंधन द्वारा शिक्षा नियमों की खुलकर अनदेखी की जा रही है।
लेकिन यह मामला केवल एक स्कूल तक सीमित नहीं है—सूत्रों के अनुसार प्रदेश के कई निजी स्कूलों में इसी तरह का खेल बड़े स्तर पर चल रहा है, जहां अभिभावकों को मजबूर कर भारी वसूली की जा रही है।
🔍 जांच में सामने आई प्रमुख अनियमितताएं:
कक्षा 1 से 8 तक निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें अनिवार्य कर दी गईं
एक ही दुकान से किताब-कॉपी खरीदने का दबाव
किताबों को बंडल बनाकर जबरन बिक्री
फील्ड ट्रिप, वर्कशॉप, सेमिनार के नाम पर अवैध शुल्क वसूली
यूनिफॉर्म के लिए निश्चित दुकान से खरीदने की मजबूरी
वेबसाइट और सूचना पटल पर जानकारी छिपाई गई
रजिस्ट्रेशन, एडमिशन और सुरक्षा निधि शुल्क, जो कानूनन प्रतिबंधित हैं
⚖️ नियमों की खुलेआम धज्जियां
जांच में स्पष्ट हुआ कि स्कूल ने CBSE Affiliation Bye-Laws 2018 (क्लॉज 2.4.7) का उल्लंघन किया है।
यह नियम स्पष्ट रूप से कहता है कि किसी भी निजी प्रकाशक की किताबें थोपना और अभिभावकों पर दबाव बनाना गैरकानूनी है।
💰 50% तक जुर्माने की तैयारी
👉 864 छात्रों से वसूली गई कुल फीस का 50% तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
👉 स्कूल प्रबंधन को 2 दिनों के भीतर जवाब देने का नोटिस जारी किया गया है।
🔥 बड़ा सवाल: क्या पूरे प्रदेश में चल रहा है “शिक्षा वसूली सिंडिकेट”?
यह मामला अब एक बड़े मुद्दे के रूप में सामने आ रहा है।
प्रदेश के कई निजी स्कूलों में इसी तरह की अवैध वसूली और सेटिंग का नेटवर्क होने की आशंका जताई जा रही है।
🇮🇳 सरकार से बड़ी मांग
अब यह मुद्दा सिर्फ जिला स्तर का नहीं रहा।
👉 राज्य सरकार और केंद्र सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग
👉 शिक्षा मंत्री से पूरे प्रदेश में जांच अभियान चलाने की अपील
👉 निजी स्कूलों में चल रही इस मनमानी को पूरी तरह खत्म करने के लिए ठोस कानून लागू करने की जरूरत
🌍 नेपाल मॉडल की तर्ज पर सख्ती जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरह नेपाल में निजी स्कूलों पर सख्त नियंत्रण और नियम लागू किए गए, उसी तर्ज पर भारत में भी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि शिक्षा को व्यापार बनने से रोका जा सके।
📢 जनहित में अपील:
अगर आपके बच्चे के स्कूल में भी इस तरह की जबरन वसूली या नियमों का उल्लंघन हो रहा है, तो तुरंत शिकायत करें—अब चुप रहने का समय नहीं है।
✍️ प्रधान संपादक:
सतपाल सिंह भदराजा
सत्य ज्ञान समागम प्रेस न्यूज
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