बिलासपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘नशामुक्त अभियान’ के तहत थाना सरकंडा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने आधुनिक तकनीक ‘ड्रोन कैमरा’ की मदद से मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 7 आरोपियों को रंगे हाथों दबोचा है। पकड़े गए आरोपियों में 5 नाबालिग शामिल हैं, जिन्हें चंद रुपयों का लालच देकर अपराध की दुनिया में धकेला गया था

।ड्रोन से की गई घेराबंदीपुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि चांटीडीह क्षेत्र में नाबालिगों के माध्यम से गांजा की तस्करी की जा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर सरकंडा पुलिस ने पूरे इलाके की निगरानी ‘ड्रोन कैमरा’ के माध्यम से की, जिससे संदिग्धों और उनके ठिकाने की सटीक पहचान हो सकी।1 जून, 2026 की सुबह जैसे ही सूचना मिली कि कुंदरू बाड़ी, चिंगराजपारा के पास आरोपी गांजा खपाने की तैयारी में हैं, पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए मौके पर घेराबंदी की और सभी को धर दबोचा।बरामदगी और कार्रवाईपुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 6.744 किलोग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत 3 लाख 35 हजार रुपये आंकी गई है। गांजे के साथ ही एक धारदार चाकू भी जब्त किया गया है।पुलिस ने इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के साथ-साथ आर्म्स एक्ट की धाराएं भी जोड़ी हैं। गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपियों में कुश यादव (25 वर्ष) और दीपक साहू (18.6 वर्ष) शामिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस नशे की खेप का मुख्य सरगना (मास्टरमाइंड) कौन है और यह गांजा कहां से लाया जा रहा था।आम जनता से पुलिस की अपीलसरकंडा थाना प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार आर्य ने जनता से अपील की है कि नशे के इस अवैध कारोबार को जड़ से मिटाने में पुलिस का सहयोग करें। यदि आपके क्षेत्र में कोई भी संदिग्ध गतिविधि या अवैध नशे की बिक्री होती है, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। आपकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।कार्रवाई में इनकी रही मुख्य भूमिकाइस सफल ऑपरेशन में निरीक्षक प्रदीप आर्य, सउनि विदेशी राम साहू, आरक्षक विवेक राय, मिथलेश सोनी, संजीव जांगडे, रवि चौधरी, रवि शर्मा एवं थाना सरकंडा की पूरी टीम शामिल रही।

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