बिलासपुर, 30 मई 2026बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट, बिलासपुर में शुक्रवार को सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए एक हाई-प्रोफाइल ‘एंटी-हाईजैक मॉक ड्रिल’ का सफल आयोजन किया गया। ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित इस वार्षिक अभ्यास का मुख्य उद्देश्य विमान अपहरण जैसी विषम परिस्थितियों में सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता और आपसी समन्वय का परीक्षण करना था।ऑपरेशन का विवरणमॉक ड्रिल के परिदृश्य के अनुसार, एयरपोर्ट पर एक विमान के हाईजैक होने की सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया। एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने तुरंत जिला दंडाधिकारी श्री संजय अग्रवाल और पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह को घटना की जानकारी दी।सूचना मिलते ही एयरपोर्ट नोडल अधिकारी, एयरपोर्ट डायरेक्टर, सीआईएसएफ (CASO), एयरलाइंस स्टेशन मैनेजर और स्थानीय पुलिस बल के साथ एयरोड्रोम कमिटी के सभी सदस्य तुरंत एंटी-हाईजैक कंट्रोल रूम में सक्रिय हो गए।क्विक रिस्पांस टीम की त्वरित कार्रवाईड्रिल के दौरान विमान में 30 यात्री ‘बंधक’ बनाए गए थे। अपहरणकर्ताओं द्वारा अपनी मांगें रखी जा रही थीं, तभी एयरपोर्ट की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) ने सुनियोजित तरीके से मोर्चा संभाला। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आतंकी को मार गिराया और दूसरे को सफलतापूर्वक दबोच लिया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक घायल यात्री को सुरक्षित निकालकर एयरपोर्ट स्थित एमआई रूम में प्राथमिक उपचार दिया गया।सुरक्षा तंत्र हुआ और मजबूतजिला दंडाधिकारी श्री संजय अग्रवाल के नेतृत्व में संपन्न हुई इस ड्रिल के बारे में अधिकारियों ने बताया कि यह अभ्यास सुरक्षा एजेंसियों के आपसी तालमेल को बेहतर बनाने के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि इस तरह के मॉक ड्रिल न केवल सुरक्षा तैयारियों की खामियों को उजागर करते हैं, बल्कि आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा तंत्र को और अधिक मजबूत व प्रभावी बनाते हैं।इस सफल अभ्यास ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बिलासा एयरपोर्ट पर किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क और तैयार हैं।





