ठाकुर राम सिंह के समर्थन में संत कालीचरण महाराज का बड़ा ऐलान, बोले– अन्याय हुआ तो होगा बड़ा आंदोलन !चीना पांडे ( सामाजिक सेवक) कोरबा अंकित पांडे दिनेश मिश्रा प्रदेश प्रभारी हिन्दू संगठन और उनके संगठन का पूर्ण समर्थन….

बिलासपुर छत्तीसगढ़

बिलासपुर शहर में हिंदू संगठन से जुड़े ठाकुर राम सिंह के खिलाफ सरकंडा थाना में दर्ज एफआईआर के बाद मामला लगातार गरमाता जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम ने अब धार्मिक और सामाजिक रूप ले लिया है। इसी बीच संत कालीचरण महाराज ने खुलकर ठाकुर राम सिंह के समर्थन में उतरते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं और आवश्यकता पड़ने पर बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

मामले की जानकारी के अनुसार सरकंडा थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया पर की गई एक पोस्ट को लेकर पुलिस ने ठाकुर राम सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि इस पोस्ट में ईरान के मुस्लिम धर्मगुरु अली खामेनेई को लेकर टिप्पणी की गई थी। इस पोस्ट के बाद मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताते हुए पुलिस से शिकायत की थी।
शिकायत मिलने के बाद सरकंडा थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसके आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की गई है।

वहीं इस कार्रवाई को लेकर संत कालीचरण महाराज ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ अन्याय होता है तो हिंदू समाज चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने ठाकुर राम सिंह के समर्थन में खुलकर आवाज उठाते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर पूरे प्रदेश में आंदोलन भी किया जा सकता है।
संत कालीचरण महाराज ने सभी हिंदू संगठनों और समाज के लोगों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि समाज को ऐसे मामलों में सजग और संगठित रहने की आवश्यकता है। उनके इस बयान के बाद शहर में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है।
वहीं कई हिंदू संगठनों ने भी ठाकुर राम सिंह के समर्थन में आवाज उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस घटनाक्रम के बाद बिलासपुर शहर में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और सभी की नजर अब पुलिस जांच और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
अब सबसे बड़ा सवाल
क्या ठाकुर राम सिंह के खिलाफ दर्ज मामले में निष्पक्ष जांच होगी?
क्या संत कालीचरण महाराज के आंदोलन की चेतावनी से प्रशासन पर दबाव बढ़ेगा?
क्या यह मामला अब सामाजिक और राजनीतिक मुद्दा बन सकता है?
सत्य ज्ञान समागम प्रेस न्यूज



