बिलासपुर: मोपका में खूनी संघर्ष, युवक की गला रेतकर हत्या; पुलिस ने चंद घंटों में 5 आरोपियों को दबोचाबिलासपुर। न्यायधानी के सरकंडा थाना अंतर्गत मोपका क्षेत्र में पुरानी रंजिश और आपसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें एक युवक की जान चली गई। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए घटना के चंद घंटों के भीतर ही मुख्य आरोपी सहित 3 बालिग और 2 विधि से संघर्षरत बालकों
(नाबालिगों) को गिरफ्तार कर लिया है।क्या है पूरा मामला?पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाद की जड़ एक पुरानी रंजिश थी। प्रार्थी अभय यादव के चचेरे भाई ओम प्रकाश यादव की मोपका क्षेत्र की एक युवती से दोस्ती थी। इसी बात को लेकर 1 मई को पड़ोस में रहने वाले अजीत सूर्यवंशी और उसके साथियों से ओम प्रकाश का विवाद हुआ था।दिनांक 2 मई 2026 की रात करीब 10:30 बजे, ओम प्रकाश अपने साथियों अभिषेक यादव, पंकज साहू और अजय साहू के साथ कलकत्ता स्वीट्स (मोपका चौक) के पास सुलह करने पहुंचा था।बातचीत के दौरान हमलासुलह की बातचीत के दौरान अचानक विवाद बढ़ गया। आरोपी आशीष, महावीर, रघुवीर और उनके साथ मौजूद दो नाबालिगों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। इसी बीच आरोपी आशीष सूर्यवंशी ने कमर से धारदार चाकू निकालकर अभिषेक यादव के गले पर जानलेवा वार कर दिया। हमले में अभिषेक का गला बुरी तरह कट गया और वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा। बीच-बचाव करने आए ओम प्रकाश को भी चोटें आईं।घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल अभिषेक को तुरंत अपोलो अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।पुलिस की त्वरित कार्रवाईघटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रजनेश सिंह ने तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। एडिशनल एसपी पंकज पटेल और सीएसपी निमितेश सिंह के मार्गदर्शन में सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्य और ACCU की टीम ने घेराबंदी कर सभी 5 आरोपियों को पकड़ लिया।गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:आशीष सूर्यवंशी (22 वर्ष) – मुख्य आरोपी (चाकू से वार करने वाला)महावीर सूर्यवंशी (23 वर्ष)रघुवीर सूर्यवंशी (26 वर्ष)02 विधि से संघर्षरत बालकबरामदगी और जेलपुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त धारदार चाकू (आला जरब) बरामद कर लिया है। सभी आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया है।नोट: पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून को हाथ में न लें और तत्काल नजदीकी पुलिस थाने को सूचित करें।




