सेवा और समर्पण का सम्मान: SSP रजनेश सिंह को ‘चेतना का योद्धा’ टाइटल इंटरनेशनल डांस डे पर बिलासपुर में ‘चेतना महोत्सव’ की धूम: चेतना हॉल में सजी कला, सम्मान और जागरूकता की महफिलबिलासपुर। आज (29 अप्रैल 2026) अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस के अवसर पर न्यूज़ हब इनसाइट केयर फाउंडेशन (NHICF) और बिलसपुर पुलिस के सयुंक्त तत्वाधान में आयोजित “चेतना महोत्सव एवं प्रशिक्षण कार्यशाला” का भव्य आयोजन चेतना हॉल में किया गया। इस आयोजन ने शहर को कला, संस्कृति और सामाजिक चेतना के रंगों से सराबोर कर दिया।
गरिमामयी अतिथियों की रही विशेष उपस्थितिकार्यक्रम में एसएसपी रजनेश सिंह, कलेक्टर संजय अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, कुलपति डॉ. विनय कुमार पाठक, पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति डॉ. चंद्रभूषण बाजपेयी, प्रो. श्याम लाल निराला, कथक गुरु वासन्ती वैष्णव एवं सुनील वैष्णव सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। नृत्य प्रस्तुतियों ने बांधा समांयुवा कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया— कथक प्रस्तुति:कु. प्राख्या खंडेलवाल, कु. नित्या शुक्ला, केतन सिंह राठौर, अश्विका साव, उद्धव ठक्कर भरतनाट्यम प्रस्तुति:श्रावणी इज्जू विशेष प्रस्तुति:प्राची सोनवानी कलाकारों का भव्य सम्मान समारोह-चेतना नृत्य शिरोमणि सम्मान–2026- कु. नित्या शुक्ला-अश्विका साव-प्राची सोनवानी-चेतना कथक नटराज – 2026-केतन सिंह राठौर-उद्धव ठक्कर-चेतना भरतनाट्यम रत्न – 2026-श्रावणी इज्जू विशेष सम्मान भी रहे आकर्षण का केंद्र-“चेतना हीरो 2026” से राष्ट्रपति पदक से सम्मानित श्री शैलेंद्र सिंह ठाकुर को सम्मानित किया गया।-“चेतना स्पोर्ट्स आइकन – 2026” से रुद्र प्रताप सिंह (हरी) को नवाजा गया।-“चेतना रत्न” से मास्टर तनिष्क वर्मा को सम्मानित किया गया। शानदार संचालन और सफल आयोजनकार्यक्रम का प्रभावशाली मंच संचालन शगुफ्ता परवीन द्वारा किया गया।
आयोजन के अंत में पंकज खंडेलवाल एवं मयूरी खंडेलवाल ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। टीमवर्क से बनी सफलता की कहानीइस आयोजन को सफल बनाने में एएसपी पंकज पटेल, एएसपी मधुलिका सिंह यातायात एएसपी रामगोपाल करियारे, डीएसपी मंजुलया केरकेट्टा, आर आई भूपेन्द्र गुप्ता और nhicf की टीम सुरेंद्र वर्मा, दीपक मिश्रा और तरुण मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कला के साथ जागरूकता का संदेशयह महोत्सव न केवल कला और संस्कृति का उत्सव रहा, बल्कि समाज में जागरूकता, समरसता और सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त संदेश भी दे गया।“चेतना हॉल में गूंजे सुर और थिरके कदम… और जाग उठी समाज में नई चेतना!”




