बिलासपुर, छत्तीसगढ़।
आज पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ होलिका दहन का पावन पर्व मनाया गया। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। मान्यता है कि भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति और सत्य की शक्ति ने अहंकार और अत्याचार का अंत किया।
शाम होते ही लोगों ने विधि-विधान से होलिका पूजन किया। महिलाओं ने कच्चा सूत लेकर होलिका की परिक्रमा की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। पूजा के दौरान रोली, अक्षत, गुड़, बताशे और गेहूं की बालियां अर्पित की गईं। कई स्थानों पर सामाजिक सद्भाव और भाईचारे का संदेश भी दिया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से गेहूं की बालियां अग्नि में सेंककर घर लाने की परंपरा निभाई गई, जिसे समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। श्रद्धालुओं ने होलिका की अग्नि से भस्म लेकर माथे पर लगाई और नकारात्मकता दूर होने की प्रार्थना की।
धार्मिक मान्यता के अनुसार होलिका दहन हमें यह संदेश देता है कि सत्य और भक्ति की शक्ति के सामने असत्य और अहंकार टिक नहीं सकते।
✍️ सत्य ज्ञान समागम प्रेस
सतपाल सिंह भदराजा
प्रदेश अध्यक्ष
न्यूज पोर्टल पत्रकार संघ भारत



