भारत। भारत की संत परंपरा में Neem Karoli Baba (जिन्हें नीम करौली बाबा या महाराज-जी भी कहा जाता है) का नाम अत्यंत श्रद्धा और आस्था के साथ लिया जाता है। उनका जीवन भक्ति, सेवा, करुणा और चमत्कारिक लीलाओं से भरा हुआ माना जाता है। देश-विदेश में लाखों भक्त आज भी उनके बताए मार्ग—“सबसे प्रेम करो, सबकी सेवा करो और भगवान को याद करो”—पर चलने की प्रेरणा लेते हैं।
जन्म और आध्यात्मिक जीवन
माना जाता है कि बाबा का जन्म उत्तर प्रदेश के अकबरपुर क्षेत्र के पास एक साधारण ब्राह्मण परिवार में हुआ। बचपन से ही उनमें आध्यात्मिक झुकाव था। युवावस्था में उन्होंने सांसारिक जीवन से दूरी बनाकर साधना का मार्ग अपनाया और भारत के अनेक स्थानों में भ्रमण किया।
कैंची धाम की स्थापना


Neem Karoli Baba हनुमान जी के परम भक्त माने जाते हैं। उनके आशीर्वाद से उत्तराखंड में स्थित प्रसिद्ध आश्रम Kainchi Dham स्थापित हुआ, जो आज दुनिया भर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का बड़ा केंद्र बन चुका है। हर वर्ष लाखों लोग यहां आकर बाबा के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।


बाबा की प्रसिद्ध लीलाएँ
भक्तों के अनुसार बाबा की कई अद्भुत लीलाएँ प्रचलित हैं, जैसे—
संकट में फंसे भक्तों की अचानक सहायता होना
बीमार लोगों का आशीर्वाद से स्वस्थ होना
बिना बताए किसी की समस्या जान लेना
दूर बैठे भक्तों की मनोकामना पूरी होना
इन घटनाओं ने बाबा को करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र बना दिया।
देश-विदेश में भक्त
Neem Karoli Baba के भक्त केवल भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी बड़ी संख्या में हैं। अनेक लोग उनके आश्रम में आकर आध्यात्मिक शांति और प्रेरणा प्राप्त करते हैं।
बाबा का मुख्य संदेश
बाबा का सबसे बड़ा संदेश था:
प्रेम करो
सेवा करो
भगवान का नाम लो
मानवता की भलाई के लिए काम करो
उनका मानना था कि सच्ची पूजा दूसरों की सेवा और प्रेम फैलाने में है।
आज भी जीवित है श्रद्धा
आज भी बाबा के मंदिर, आश्रम और उनके भक्तों की आस्था यह साबित करती है कि उनके उपदेश और आशीर्वाद लोगों के जीवन को सकारात्मक दिशा दे रहे हैं।
📰 प्रकाशक:
सत्य ज्ञान समागम प्रेस
✍️ सतपाल सिंह भदराजा
प्रदेश अध्यक्ष – न्यूज पोर्टल पत्रकार संघ भारत
प्रधान संपादक – सत्य ज्ञान समागम प्रेस