बिलासपुर, 07 अप्रैल 2026।
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में माननीय न्यायाधीश अरविंद कुमार वर्मा के सेवानिवृत्ति अवसर पर उनके सम्मान में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम माननीय मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा के न्यायालय कक्ष में अपराह्न 03:30 बजे सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य न्यायाधीश ने अपने उद्बोधन में न्यायाधीश वर्मा के समर्पित न्यायिक जीवन, विधिक ज्ञान, निष्पक्षता और प्रशासनिक दक्षता की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्मा का कार्यकाल उत्कृष्टता, निष्ठा और न्याय के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक रहा है। उनके निर्णयों में न केवल विधिक गहराई बल्कि मानवीय संवेदनशीलता भी स्पष्ट रूप से झलकती रही है।
मुख्य न्यायाधीश ने यह भी उल्लेख किया कि न्यायाधीश वर्मा ने अपने कार्यकाल में 9,800 से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया, जिनमें 238 ए.एफ.आर. (AFR) निर्णय शामिल हैं। उनके फैसलों ने न्याय व्यवस्था को मजबूती प्रदान की और वे युवा न्यायिक अधिकारियों के लिए प्रेरणास्रोत बने।
अपने उद्बोधन में न्यायाधीश अरविंद कुमार वर्मा ने ईश्वर, मुख्य न्यायाधीश, समस्त न्यायाधीशगण, न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं न्यायालय परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अपने कार्यकाल के अनुभव साझा किए।
गौरतलब है कि न्यायाधीश वर्मा का जन्म 08 अप्रैल 1964 को अंबिकापुर (छत्तीसगढ़) में हुआ। उन्होंने शासकीय विद्यालय से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त कर अंबिकापुर महाविद्यालय से स्नातक तथा शासकीय राजीव गांधी स्नातकोत्तर महाविद्यालय से विधि शिक्षा प्राप्त की। वर्ष 1994 में उन्होंने व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-II के रूप में न्यायिक सेवा प्रारंभ की और विभिन्न जिलों—घरोड़ा, राजनांदगांव, रायपुर, बिलासपुर एवं जगदलपुर—में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं।
उन्होंने उच्च न्यायालय में रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्रार न्यायिक एवं छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी के अतिरिक्त निदेशक जैसे प्रशासनिक दायित्व भी संभाले। 23 जनवरी 2024 को उन्हें उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया तथा 12 दिसंबर 2025 को स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण किया।
इस अवसर पर न्यायालय के अन्य न्यायाधीशगण, अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी, वरिष्ठ अधिवक्ता, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी तथा न्यायालय के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।



