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🏠 होम › छत्‍तीसगढ समाचार › तहसीलदार व पटवारी पर आदेश की अवहेलना का…

तहसीलदार व पटवारी पर आदेश की अवहेलना का आरोप, भूख हड़ताल पर बैठे पीड़ित – प्रशासन पर बढ़ा दबाव…!

रायपुर में राजस्व विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां तहसीलदार राममूर्ति दीवान एवं पटवारी कमलेश तिवारी पर न केवल लापरवाही बल्कि उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने के आरोप लगे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. पं. जननाथ राव रायबहादुर मित्तल की भूमि (खसरा नंबर 724 एवं 725, रकबा लगभग 3.50 एकड़, मोतीलाल गार्डन क्षेत्र) का नामांतरण विधिवत रूप से कुमारी कामिनी मित्तल एवं उनके भाई मिमोह मित्तल के नाम किया जा चुका है। इसके बावजूद आज तक तहसील के कंप्यूटर/डिजिटल रिकॉर्ड में नाम दर्ज नहीं किया गया है।


इस मामले को लेकर कई बार आवेदन दिए गए और उच्च स्तर से आदेश भी जारी हुए। बताया जा रहा है कि कलेक्टर भूरे सर द्वारा भी नाम एंट्री के लिए निर्देश दिए गए थे। इसके अलावा भू-राजस्व अधिकारियों एवं संभाग आयुक्त जी.एस. चुरेन्द्रा द्वारा भी पूर्व में आदेश जारी किए गए थे। साथ ही श्री महादेवन कंवर द्वारा भी निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
इन सभी आदेशों के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा कार्रवाई न करना अब गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
इसी के विरोध में 14 अप्रैल 2026 को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर श्री ननकीराम कंवर, कुमारी कामिनी मित्तल एवं उनके भाई मिमोह मित्तल भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। उनके साथ अन्य जनप्रतिनिधियों का भी समर्थन बताया जा रहा है।
पीड़ितों का आरोप है कि बार-बार निवेदन और उच्च अधिकारियों के आदेशों के बावजूद राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज नहीं किया जा रहा, जिससे उन्हें लगातार मानसिक और प्रशासनिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पीड़ित पक्ष ने संबंधित तहसीलदार एवं पटवारी के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कब तक संज्ञान लेता है और क्या दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई होती है।