🚨 सार्वजनिक स्वास्थ्य की दिशा में बड़ा कदम
ओडिशा में तंबाकू और निकोटीन उत्पादों पर पूर्ण प्रतिबंध
🌍 भुवनेश्वर (ओडिशा):
सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा को लेकर ओडिशा सरकार ने एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है। राज्य सरकार ने तंबाकू और निकोटीन युक्त सभी उत्पादों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और वितरण पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। बुधवार को जारी अधिसूचना के तहत पहले से लागू नियमों को और कठोर बनाया गया है।
यह नया आदेश वर्ष 2013 के पुराने प्रतिबंध आदेश की जगह लेगा और राज्य भर में तत्काल प्रभाव से लागू होगा। 🚫 किन उत्पादों पर लगेगा प्रतिबंध यह प्रतिबंध चबाने वाले और बिना चबाने वाले सभी तंबाकू उत्पादों पर लागू होगा। इसमें शामिल हैं—
गुटखा पान मसाला खैनी जरदा फ्लेवर, खुशबू या किसी भी प्रकार के एडिटिव्स मिले तंबाकू उत्पाद सभी प्रोसेस्ड और पैकेटबंद तंबाकू उत्पाद सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो उत्पाद अलग-अलग बेचे जाते हैं लेकिन उपभोक्ता उन्हें मिलाकर सेवन करते हैं, वे भी इस प्रतिबंध के दायरे में आएंगे। ⚠️ बच्चों और युवाओं के लिए सबसे बड़ा खतरा अधिकारियों के अनुसार बिना धुएं वाले तंबाकू उत्पाद स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हैं। इन्हें अक्सर पान के पत्ते, सुपारी और चूने के साथ खाया जाता है, जिससे लत लगने का खतरा तेजी से बढ़ता है। सरकार का कहना है कि यह आदत बच्चों और युवाओं के स्वास्थ्य पर सबसे ज्यादा घातक असर डालती है। 🧬 WHO की चेतावनी विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के तहत इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) ने इन उत्पादों को कैंसर-कारक घोषित किया है। इनके सेवन से मुंह गला पेट अग्न्याशय गुर्दे जैसे गंभीर कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है। साथ ही यह मुंह के स्वास्थ्य को भी गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं।
🎯 सरकार का उद्देश्य
इस सख्त प्रतिबंध के जरिए ओडिशा सरकार का लक्ष्य हानिकारक तंबाकू उत्पादों की उपलब्धता पर पूरी तरह रोक लगाना और राज्य में जन-स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करना है।
🔍 छत्तीसगढ़ में भी हलचल वहीं, छत्तीसगढ़ में भी इस मुद्दे को लेकर हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही कैबिनेट बैठक में इस विषय पर चर्चा हो सकती है और ओडिशा मॉडल पर निर्णय लिया जा सकता है।




