बिलासपुर पुलिस की अपील: सीट बेल्ट और हेलमेट से समझौता यानी जान को खतराबिलासपुर। सड़क दुर्घटनाओं के विश्लेषण के बाद बिलासपुर यातायात पुलिस ने वाहन चालकों के लिए विशेष सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आधुनिक वाहनों में मौजूद सुरक्षा फीचर्स (Safety Features) का गलत इस्तेमाल जानलेवा साबित हो रहा है।सीट बेल्ट: अलार्म बंद करने के लिए न करें छेड़छाड़अक्सर लोग सीट बेल्ट के ‘बीप’ अलार्म से बचने के लिए बेल्ट को सीट के पीछे से घुमाकर लॉक कर देते हैं। पुलिस ने चेतावनी दी है कि ऐसा करने पर दुर्घटना के समय एयरबैग (Airbags) नहीं खुलते।कैसे काम करता है सिस्टम: सीट बेल्ट में ‘प्री-टेंशनर’ और ‘फोर्स लिमिटर’ तकनीक होती है। टक्कर होने पर प्री-टेंशनर शरीर को सीट से जकड़ लेता है, जिससे व्यक्ति सामने नहीं गिरता और गंभीर चोट से बच जाता है।नियम: अब पिछली सीट पर बैठने वालों के लिए भी बेल्ट अनिवार्य है।हेलमेट: ‘हाफ फेस’ नहीं, ‘फुल फेस’ ही सुरक्षितविश्लेषण में पाया गया है कि कामकाजी महिलाओं और युवाओं में ‘हाफ फेस’ हेलमेट का चलन बढ़ा है, जो सुरक्षा के लिहाज से नाकाफी हैयातायात

पुलिस के अनुसार, केवल ISI मार्क वाला फुल फेस हेलमेट ही मस्तिष्क को पूरी तरह सुरक्षित रख सकता है।नियमों का उल्लंघन पड़ेगा भारीछत्तीसगढ़ राजपत्र के अनुसार, यातायात नियमों की अनदेखी पर जुर्माने का कड़ा प्रावधान है:हेलमेट न पहनने पर: ₹500 जुर्माना (दूसरी बार पकड़े जाने पर भी ₹500)।सीट बेल्ट न लगाने पर: ₹500 जुर्माना (दूसरी बार उल्लंघन पर ₹1000)।ब्लैक स्पॉट पर पुलिस की नजरसड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस, राजस्व और PWD की संयुक्त टीम ‘ब्लैक स्पॉट’ (जहाँ ज्यादा हादसे होते हैं) का ऑडिट कर रही है। शहर के पेट्रोल पंपों पर ‘हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं’ जैसे अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।यातायात पुलिस की अपील: “ट्रैफिक सेंस” विकसित करें। सुरक्षा उपकरण पुलिस की चालानी कार्यवाही से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी जान बचाने के लिए पहनें।



