ब्रेकिंग न्यूज़
3147 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट का काम शुरू..!नियमों का उल्लंघन पड़ेगा भारीछत्तीसगढ़ राजपत्र के अनुसार..!मस्तूरी में मर्डर: कुल्हाड़ी से वार कर पत्नी की हत्या, आरोपी पति गिरफ्तार..!बिलासा देवी केवट हवाई अड्डा बिलासपुर के लिए 3 मई..!पत्रकारों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर सशक्त कानून बनाने की मांग..!भू-जल संवर्धन की दिशा में बड़ा कदम, एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न..!त्रिनेत्र सेवा समिति की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय, एक करोड़ रुपये की स्वस्फूर्त राशि संग्रहित…!धुएं से मुक्ति की ओर पहल, बिना पते के भी मिल रहा गैस कनेक्शन…!गतोरा व एरमशाही समितियों में अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई, दोषियों पर एफआईआर दर्ज..!तहसीलदार व पटवारी पर आदेश की अवहेलना का आरोप, भूख हड़ताल पर बैठे पीड़ित – प्रशासन पर बढ़ा दबाव…!रायपुर में प्रशासन के खिलाफ भूख हड़ताल, अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग तेज..!फरार आरोपियों की सूचना देने पर मिलेगा ईनाम..!3147 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट का काम शुरू..!नियमों का उल्लंघन पड़ेगा भारीछत्तीसगढ़ राजपत्र के अनुसार..!मस्तूरी में मर्डर: कुल्हाड़ी से वार कर पत्नी की हत्या, आरोपी पति गिरफ्तार..!बिलासा देवी केवट हवाई अड्डा बिलासपुर के लिए 3 मई..!पत्रकारों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर सशक्त कानून बनाने की मांग..!भू-जल संवर्धन की दिशा में बड़ा कदम, एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न..!त्रिनेत्र सेवा समिति की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय, एक करोड़ रुपये की स्वस्फूर्त राशि संग्रहित…!धुएं से मुक्ति की ओर पहल, बिना पते के भी मिल रहा गैस कनेक्शन…!गतोरा व एरमशाही समितियों में अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई, दोषियों पर एफआईआर दर्ज..!तहसीलदार व पटवारी पर आदेश की अवहेलना का आरोप, भूख हड़ताल पर बैठे पीड़ित – प्रशासन पर बढ़ा दबाव…!रायपुर में प्रशासन के खिलाफ भूख हड़ताल, अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग तेज..!फरार आरोपियों की सूचना देने पर मिलेगा ईनाम..!
🔔

न्यूज़ अलर्ट चालू करें

ब्रेकिंग न्यूज़ की तुरंत जानकारी पाएं

💬
🏠 होम छत्‍तीसगढ समाचार 3147 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट का काम शुरू..!

3147 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट का काम शुरू..!

पत्थलगांव-झारखंड सीमा तक सड़क निर्माण ने पकड़ी गतिरायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा अब धरातल बिलासपुर!

. प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य की रजत जयंती पर रखी गई आधारशिला अब धरातल पर उतर आई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने पत्थलगांव-कुनकुरी से छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा (NH-43) तक 3147 करोड़ रूपये की लागत वाले मेगा परियोजना का निर्माण कार्य जमीनी स्तर पर शुरू कर दिया है।छत्तीसगढ़ में सबसे लंबा विस्तार627 किलोमीटर लंबे रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर का सबसे महत्वपूर्ण और विशाल हिस्सा छत्तीसगढ़ से होकर गुजरता है। कुल लंबाई का लगभग 384 किलोमीटर हिस्सा छत्तीसगढ़ में है। वर्तमान में 104.250 किलोमीटर लंबे पत्थलगांव-झारखंड सीमा खंड पर निर्माण कार्य ने गति पकड़ ली है।*382 छोटी-बड़ी संरचनाएं*इस खंड में कुल 382 छोटी-बड़ी संरचनाएं (पुल, अंडरपास आदि) बनाई जाएंगी, जो इस मार्ग को बाधारहित (Hassle-free) बनाएंगी। जिसमें 7 बड़े पुल, 30 छोटे पुल, 6 फ्लाईओवर और एक एलीवेटेड वायडक्ट स्ट्रक्चर, 10 वेहिकुलर अंडरपास (VUP), 18 लाइट वेहिकुलर अंडरपास (LVUP), 26 स्मॉल वेहिकुलर अंडरपास (SVUP), 11 ईओपी, 21 मवेशी एवं पैदल यात्री अंडरपास (PUP) और 278 बॉक्स पुलिया (Culverts) का निर्माण किया जा रहा हैइंटर-स्टेट कनेक्टिविटी होगी मजबूतकोरबा परियोजना इकाई के परियोजना निदेशक श्री डी.डी. पार्लावर ने बताया कि यह खंड रायपुर-धनबाद कॉरिडोर की रीढ़ है जिसका निर्माण कार्य शुरू हो गया है। हमारा लक्ष्य इसे निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करना है। यह राजमार्ग छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच इंटर-स्टेट कनेक्टिविटी और व्यापारिक परिवहन को नई मजबूती देगा।जशपुर जिले की बदलेगी तकदीरयह कॉरिडोर जशपुर जिले के लिए केवल सड़क नहीं, बल्कि लाइफलाइन साबित होगा। इसे इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि यह अंचल के महत्वपूर्ण नगरों- पत्थलगांव, कांसाबेल, कुनकुरी, दुलदुला और जशपुर को एक सूत्र में पिरोएगा। साथ ही, यह राजमार्ग रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़ और कोरबा जैसे औद्योगिक शहरों को सीधे झारखंड के धनबाद से जोड़कर व्यापारिक सुगमता प्रदान करेगा।तेज और सुरक्षित कनेक्टिविटीतेज और सुरक्षित कनेक्टिविटी के परिणामस्वरूप ईंधन, यात्रा समय और कुल परिवहन लागत में बचत होगी। छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच कोयला खदानों एवं कोरबा, रायगढ़, जशपुर, रांची और जमशेदपुर में स्थित प्रमुख इस्पात संयंत्रों के लिए बेहतर अंतर-राज्यीय कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। यातायात में सुगम आवागमन एवं दुर्घटनाओं और प्रदूषण में कमी होगी। वस्तुओं और खनिजों के कुशल परिवहन से आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार व व्यावसायिक अवसरों का सृजन होगा।