बिलासपुर। शहर के विभिन्न अटल आवास परिसरों को लेकर कानून-व्यवस्था, बढ़ती आपराधिक गतिविधियों और हितग्राहियों की पात्रता को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आ रही हैं। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि कुछ अटल आवास क्षेत्रों में चोरी, मारपीट, अवैध गतिविधियों तथा असामाजिक तत्वों की मौजूदगी की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, जिससे आम लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल बन रहा है।सूत्रों के अनुसार, यदि अटल आवासों में रहने वाले हितग्राहियों, किरायेदारों और बाहरी व्यक्तियों का दस्तावेजों सहित व्यापक सत्यापन कराया जाए तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि जिन जरूरतमंद परिवारों के लिए ये आवास योजनाएं बनाई गई थीं, उन्हें लाभ नहीं मिल पाया, जबकि प्रभाव और आर्थिक पहुंच रखने वाले कुछ अपात्र लोगों को लाभ मिलने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।स्थानीय लोगों का कहना है कि कई परिसरों में पुलिस गश्त पर्याप्त नहीं होने के कारण असामाजिक तत्वों के हौसले बढ़ रहे हैं। ऐसे में राज्य सरकार, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से मांग की गई है कि सभी अटल आवासों का विशेष अभियान चलाकर भौतिक सत्यापन कराया जाए, आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों की पहचान की जाए, अवैध रूप से रह रहे लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा नियमित पुलिस गश्त और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाए।नागरिकों का मानना है कि यदि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाती है तो शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं में व्याप्त संभावित अनियमितताओं पर रोक लगेगी, वास्तविक पात्र हितग्राहियों को न्याय मिलेगा और शहर में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।जनहित में उठ रही मांग है कि अटल आवासों की स्थिति की उच्च स्तरीय जांच कराकर कानून का राज स्थापित किया जाए और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन इस पूरे मामले को अपने संज्ञान में लेता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई करता है?”





