बिलासपुर, छत्तीसगढ़।
शहर में रसोई गैस सिलेंडर की कालाबाजारी अब खुलकर सामने आने लगी है। हाल ही में प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई में कई स्थानों पर अवैध रूप से जमा किए गए गैस सिलेंडरों का बड़ा स्टॉक पकड़ा गया है। हालांकि सूत्रों की मानें तो यह सिर्फ एक हिस्सा है, जबकि शहर के कई अन्य क्षेत्रों में भी भारी मात्रा में अवैध स्टॉक छिपाकर रखे जाने की आशंका जताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि जिन जगहों पर कार्रवाई हुई, वहां बड़ी संख्या में घरेलू गैस सिलेंडर जमा कर ब्लैक मार्केट में ऊंचे दामों पर बेचे जा रहे थे। यह सिलेंडर जरूरतमंद उपभोक्ताओं को देने के बजाय अधिक मुनाफे के लिए छिपाकर रखे गए थे।
1000 रुपये का सिलेंडर 1600 रुपये या उससे अधिक में बेचा जा रहा है, जिससे आम जनता बुरी तरह परेशान है।
इस खेल में एजेंसी और डिलीवरी चैन में भी मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है, जहां अतिरिक्त वसूली कर उपभोक्ताओं को लूटा जा रहा है।
इस स्थिति का सबसे ज्यादा असर छात्रों, होटल व्यवसायियों और आम परिवारों पर पड़ रहा है। छात्रावासों में रहने वाले छात्र खाना बनाने को तरस रहे हैं, वहीं छोटे होटल और ढाबा संचालकों का कामकाज प्रभावित हो रहा है।
प्रशासन की कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल
हालांकि कुछ जगहों पर स्टॉक पकड़े जाने से कार्रवाई का दावा किया जा रहा है, लेकिन जानकारों का कहना है कि यह कार्रवाई नाकाफी है। जब तक पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश नहीं होगा, तब तक कालाबाजारी पर लगाम लगाना मुश्किल है।
सूत्रों का दावा है कि शहर में अभी भी कई गोदाम और ठिकाने ऐसे हैं जहां अवैध रूप से सिलेंडर जमा कर रखे गए हैं, जिन पर कार्रवाई होना बाकी है।
इस पूरे मामले में केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जहां केंद्र सरकार की जिम्मेदारी गैस आपूर्ति को सुचारू बनाए रखना है, वहीं राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी है कि ऐसे माफियाओं पर सख्त कार्रवाई करे। लेकिन वर्तमान हालात में दोनों ही स्तरों पर प्रभावी नियंत्रण की कमी साफ नजर आ रही है।
संबंधित विभागों की निष्क्रियता भी चर्चा में है, क्योंकि लगातार शिकायतों और खुलासों के बावजूद व्यापक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिख रही।
जनता और संगठनों की मांग तेज
न्यूज पोर्टल पत्रकार संघ भारत ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए मांग की है कि—
पूरे शहर में व्यापक जांच अभियान चलाया जाए
गैस माफिया के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाए
दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए
आम जनता को उचित दर पर गैस उपलब्ध कराई जाए
अगर जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह मुद्दा बड़ा जनआक्रोश और आंदोलन का रूप ले सकता है।
✍️ रिपोर्ट: सत्य ज्ञान समागम प्रेस न्यूज पोर्टल | न्यूज पोर्टल पत्रकार संघ भारत



