🌍 बिलासपुर, 28 अक्टूबर 2026 :- बाढ़ और जलभराव जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जनहानि रोकने तथा प्रभावित लोगों तक समय पर राहत पहुंचाने के उद्देश्य से बिलासपुर जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। जिले में स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित जल मित्रों की टीम तैयार की जा रही है। इसके तहत विभिन्न अनुभागों एवं तहसीलों से चयनित 57 कोटवारों, मछुआरों, गोताखोरों और कुशल तैराकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।पांच दिवसीय प्रशिक्षण में सिखाई जा रहीं बचाव की तकनीकेंअग्निशमन, आपातकालीन सेवाएं एवं एसडीआरएफ प्रशिक्षण केंद्र, परसदा में 26 से 30 अक्टूबर 2026 तक पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसमें प्रतिभागियों को बाढ़ के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।प्रशिक्षण के दौरान मोटर बोट (ओबीएम) का संचालन, पानी में डूबते लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की तकनीक, तैराकी के विभिन्न तरीके तथा लाइफ जैकेट और लाइफ ब्वॉय का सही उपयोग सिखाया जा रहा है। इसके साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में इस्तेमाल होने वाले बचाव उपकरणों और आवश्यक सामग्रियों की जानकारी भी दी जा रही है।आपदा के समय स्थानीय स्तर पर मिलेगी मददबाढ़ जैसी आपात परिस्थितियों में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित लोगों की उपलब्धता राहत एवं बचाव कार्यों को तेजी से शुरू करने में मददगार साबित हो सकती है। जल मित्रों को तैयार करने का उद्देश्य भी यही है कि जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके और लोगों की जान बचाने के प्रयासों को मजबूती मिले।इस पहल से जिले की आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है। प्रशिक्षणार्थी भी पूरे उत्साह के साथ बचाव की तकनीकें सीख रहे हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे अपनी दक्षता का उपयोग जनसेवा और आपदा राहत कार्यों में कर सकें।जनसुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण पहलप्राकृतिक आपदाओं के दौरान प्रशासनिक तैयारियों के साथ स्थानीय समुदाय की भागीदारी भी महत्वपूर्ण होती है। प्रशिक्षित जल मित्र बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्यों में सहयोग देकर प्रशासन और आम नागरिकों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बन सकते हैं।


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