👉 न्यूज पोर्टल पत्रकार संघ भारत के प्रदेश अध्यक्ष ने केंद्र एवं छत्तीसगढ़ सरकार से की पारदर्शी डिजिटल मीडिया नीति बनाने की मांग, वास्तविक पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा और फर्जी पत्रकारिता पर निष्पक्ष कार्रवाई की अपील।
🌍 बिलासपुर, छत्तीसगढ़ :- डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बीच पत्रकारिता के नाम पर कथित तौर पर डराने-धमकाने, भ्रामक समाचार प्रसारित करने तथा विज्ञापन दिलाने या समाचार प्रकाशित करने के नाम पर अवैध वसूली जैसी शिकायतों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। इस विषय पर न्यूज पोर्टल पत्रकार संघ भारत के प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह भदराजा ने केंद्र सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन से डिजिटल पत्रकारिता के लिए पारदर्शी, जवाबदेह और व्यावहारिक व्यवस्था विकसित करने की मांग की है।


सतपाल सिंह भदराजा ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है। इसका उद्देश्य जनता की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाना, भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को उजागर करना तथा आम नागरिकों को सही और प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराना है। लेकिन यदि कोई व्यक्ति पत्रकारिता की पहचान का दुरुपयोग कर किसी अधिकारी, व्यापारी, जनप्रतिनिधि या आम नागरिक पर अनुचित दबाव बनाता है अथवा विज्ञापन और खबरों के नाम पर कथित वसूली करता है, तो ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर समाचार प्रसारित करना आज आसान हो गया है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और अन्य डिजिटल माध्यमों से हजारों लोग समाचार एवं जनहित की सामग्री जनता तक पहुंचा रहे हैं। इनमें अनेक ईमानदार स्वतंत्र पत्रकार और छोटे समाचार पोर्टल भी हैं, जो सीमित संसाधनों में जनहित के मुद्दे उठा रहे हैं। ऐसे सभी पत्रकारों को संदेह की दृष्टि से देखना उचित नहीं है। कार्रवाई केवल शिकायत, उपलब्ध साक्ष्य और कानून के आधार पर होनी चाहिए।
पत्रकारिता की विश्वसनीयता के लिए प्रमुख मांगें
- डिजिटल मीडिया के लिए स्पष्ट नीति: केंद्र एवं राज्य सरकार डिजिटल समाचार माध्यमों के लिए लागू कानूनों और नियमों के अनुरूप सरल एवं पारदर्शी दिशा-निर्देश जारी करें।
- अवैध वसूली पर कार्रवाई: विज्ञापन, समाचार प्रकाशन या पत्रकारिता का दबाव बनाकर कथित वसूली करने वालों के विरुद्ध प्रमाणों के आधार पर सक्षम एजेंसियों से जांच कराई जाए।
- सरकारी विज्ञापन में पारदर्शिता: सरकारी विज्ञापन जारी करने, पात्रता, भुगतान और चयन की प्रक्रिया स्पष्ट हो, ताकि वास्तविक समाचार संस्थानों को समान अवसर मिल सके।
- फर्जी दस्तावेजों की जांच: पत्रकारिता के अनुभव, संस्थागत पहचान और अन्य दस्तावेजों के नाम पर यदि फर्जी प्रमाण-पत्र बनाए या जारी किए जाते हैं, तो उनकी जांच कर दोषियों पर कानूनी कार्रवाई हो।
- भ्रामक समाचार पर जवाबदेही: बिना पुष्टि के किसी व्यक्ति की छवि खराब करने वाली सामग्री प्रसारित करने के मामलों में लागू कानूनों के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई हो तथा संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर मिले।
- वास्तविक पत्रकारों का संरक्षण: स्वतंत्र पत्रकारों, छोटे डिजिटल पोर्टल और जनहित में काम करने वाले पत्रकारों को अनावश्यक दबाव, धमकी या उत्पीड़न का सामना न करना पड़े।
- राज्य स्तरीय शिकायत निवारण व्यवस्था: डिजिटल पत्रकारिता से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए संबंधित विभागों के समन्वय से पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए।
अनुभव और प्रशिक्षण को मिले प्राथमिकता
सतपाल सिंह भदराजा ने कहा कि डिजिटल पत्रकारिता में गुणवत्ता बढ़ाने के लिए पत्रकारों को मीडिया नैतिकता, तथ्य-जांच, कानून, साइबर सुरक्षा और समाचार लेखन का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। पत्रकारिता के क्षेत्र में अनुभव और योग्यता को प्रोत्साहित किया जाए। हालांकि केवल अनुभव प्रमाण-पत्र को पत्रकारिता की वैधता का एकमात्र आधार बनाना उचित नहीं होगा। स्वतंत्र पत्रकारिता और संवैधानिक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का भी सम्मान जरूरी है।
पत्रकारिता किसी की निजी जागीर नहीं, जनहित की जिम्मेदारी है
उन्होंने स्पष्ट कहा कि न्यूज पोर्टल चलाना या सोशल मीडिया पर जनहित की खबरें प्रकाशित करना अपने आप में गलत नहीं है। समस्या तब पैदा होती है जब पत्रकारिता की पहचान का उपयोग निजी स्वार्थ, धमकी, ब्लैकमेलिंग या कथित अवैध वसूली के लिए किया जाता है।
उन्होंने शासन-प्रशासन से अपील की कि किसी भी शिकायत पर बिना पक्षपात जांच हो। न किसी निर्दोष पत्रकार को परेशान किया जाए और न ही पत्रकारिता की आड़ में कानून तोड़ने वालों को संरक्षण मिले।
सतपाल सिंह भदराजा, प्रदेश अध्यक्ष, न्यूज पोर्टल पत्रकार संघ भारत ने कहा कि हमारा उद्देश्य किसी व्यक्ति, प्रेस क्लब या समाचार संस्था का विरोध करना नहीं, बल्कि पत्रकारिता की गरिमा, आम जनता के विश्वास और वास्तविक पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा करना है।
उन्होंने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा:
“न पक्ष, न विपक्ष, केवल निष्पक्ष जनहित। पत्रकारिता का धर्म किसी को डराना नहीं, बल्कि सच को सामने लाना है। पत्रकारिता की पहचान उसके पद या परिचय पत्र से नहीं, बल्कि उसकी निष्पक्षता, जिम्मेदारी और जनसेवा से होनी चाहिए।”
जनहित सर्वोपरि — पत्रकारिता की गरिमा और लोकतंत्र की मजबूती के लिए जवाबदेह डिजिटल मीडिया व्यवस्था समय की आवश्यकता है।
सतपाल सिंह भदराजा
प्रदेश अध्यक्ष
न्यूज पोर्टल पत्रकार संघ भारत
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