👉 बस्तर की खेल प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच, तीसरे संस्करण में रिकॉर्ड भागीदारी; कांकेर जिला पंजीयन में सबसे आगे


🌍 बिलासपुर, 6 नवंबर 2026 :- छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में खेल प्रतिभाओं को नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से आयोजित हो रहे बस्तर ओलंपिक के तीसरे संस्करण को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। इस वर्ष प्रतियोगिता में 6 लाख 492 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है। सबसे खास बात यह है कि खेल के मैदान में उतरने के लिए महिलाओं और बेटियों ने पुरुषों से कहीं अधिक उत्साह दिखाया है।
जारी आंकड़ों के अनुसार, पंजीकृत खिलाड़ियों में 3 लाख 83 हजार 94 महिलाएं और 2 लाख 18 हजार 398 पुरुष शामिल हैं। यानी महिला खिलाड़ियों की संख्या पुरुषों से 1 लाख 63 हजार 696 अधिक है। यह आंकड़ा बस्तर में महिलाओं की बढ़ती खेल भागीदारी और बदलती सामाजिक तस्वीर को दर्शाता है।
सात जिलों के खिलाड़ियों की बड़ी भागीदारी
बस्तर संभाग के सात जिलों से प्राप्त पंजीयन के आंकड़ों में कांकेर जिला सबसे आगे है। जिलावार पंजीयन इस प्रकार है—
- कांकेर – 1,23,216
- बस्तर – 1,04,841
- कोंडागांव – 85,584
- सुकमा – 80,313
- दंतेवाड़ा – 80,175
- नारायणपुर – 63,506
- बीजापुर – 62,857
तीन चरणों में होगा खेलों का आयोजन
खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए तीन स्तरों पर अवसर मिलेगा।
- विकासखंड स्तर – 4 से 6 नवंबर 2026
- जिला स्तर – 16 से 25 नवंबर 2026
- संभाग स्तर – 7 से 11 दिसंबर 2026
विकासखंड स्तर पर विजेता खिलाड़ी जिला स्तर पर और जिला स्तर के विजेता संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। प्रत्येक जिले से 410 विजेता खिलाड़ी संभाग स्तरीय आयोजन में प्रतिनिधित्व करेंगे। हॉकी और वेटलिफ्टिंग की प्रतियोगिताएं सीधे जिला स्तर पर आयोजित की जाएंगी।
11 खेल विधाओं में होगा मुकाबला
बस्तर ओलंपिक में कुल 11 खेलों को शामिल किया गया है। इनमें एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराते, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल और रस्साकशी शामिल हैं।
प्रतियोगिता में 14 से 17 वर्ष के बालक-बालिकाएं जूनियर वर्ग में तथा बिना आयु सीमा के महिला और पुरुष खिलाड़ी सीनियर वर्ग में भाग ले सकेंगे।
दिव्यांग खिलाड़ियों और आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी मिलेगा अवसर
इस आयोजन की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि नक्सल हिंसा में दिव्यांग हुए खिलाड़ियों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए भी विशेष भागीदारी की व्यवस्था की गई है। ऐसे प्रतिभागियों को विकासखंड और जिला स्तर की प्रतियोगिताओं में शामिल हुए बिना सीधे संभाग स्तरीय आयोजन में हिस्सा लेने का अवसर दिया जाएगा।
अरुण साव बोले – खेल प्रतिभाओं को पहचानकर आगे बढ़ाना सरकार का उद्देश्य
उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने बस्तर ओलंपिक के तीसरे संस्करण में रिकॉर्ड पंजीयन पर बस्तरवासियों के उत्साह की सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले दो आयोजनों ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। सरकार का उद्देश्य बस्तर के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना तथा उनकी रचनात्मक और खेल प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें बेहतर खिलाड़ी के रूप में तैयार करना है।
जनहित संदेश
बस्तर ओलंपिक केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बस्तर के युवाओं को सकारात्मक दिशा, नई पहचान और आगे बढ़ने का अवसर देने वाला मंच भी है। खेल के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और आपसी एकता को मजबूत किया जा सकता है। अभिभावकों और नागरिकों को चाहिए कि वे खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए खेल मैदानों तक पहुंचें।
सत्य ज्ञान समागम न्यूज लाइव प्रेस
सतपाल सिंह भदराजा
प्रदेश अध्यक्ष/संस्थापक – न्यूज पोर्टल पत्रकार संघ भारत
प्रधान संपादक – सत्य ज्ञान समागम न्यूज लाइव प्रेस
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