👉 किसानों को टोकन, बायोमेट्रिक सत्यापन और डिजिटल क्रॉप सर्वे की सुविधा; खरीदी केंद्रों की व्यवस्थाओं पर रहेगी बड़ी जिम्मेदारी
🌍 रायपुर/बिलासपुर :- छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य सरकार के मंत्रिपरिषद के निर्णय के अनुसार 15 नवंबर 2026 से धान खरीदी प्रारंभ होगी। इस वर्ष 27.50 लाख से अधिक किसानों से धान खरीदने की तैयारी है।


क्या हैं इस वर्ष के प्रमुख प्रावधान?
- खरीदी प्रारंभ: 15 नवंबर 2026
- खरीदी दर: 3,100 रुपये प्रति क्विंटल घोषित।
- अधिकतम खरीदी सीमा: 21 क्विंटल प्रति एकड़।
- कुल उपार्जन केंद्र: 3,100।
- नए केंद्र: 360 अतिरिक्त केंद्र स्वीकृत।
- किसानों की संख्या: 27.50 लाख से अधिक किसानों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य।
घर बैठे टोकन की सुविधा
किसानों की सुविधा के लिए ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 10 नवंबर से टोकन बुकिंग शुरू करने की तैयारी है। बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से वास्तविक पंजीकृत किसानों से धान खरीदी सुनिश्चित करने की व्यवस्था रहेगी।
खरीदी केंद्रों पर इन सुविधाओं की होनी चाहिए व्यवस्था
धान खरीदी शुरू होने से पहले प्रत्येक केंद्र पर निम्नलिखित व्यवस्थाओं की जांच जरूरी है:
- पर्याप्त बारदाने उपलब्ध हों।
- इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे सही स्थिति में हों।
- किसानों के बैठने और पेयजल की व्यवस्था हो।
- धान की गुणवत्ता और नमी की जांच पारदर्शी तरीके से हो।
- तौल के बाद किसान को सही वजन की रसीद मिले।
- खरीदी के बाद भुगतान की स्थिति स्पष्ट रहे।
- किसानों की शिकायतों का समय पर निराकरण हो।
- किसी भी किसान से अवैध वसूली या अनावश्यक परेशानियां न हों।
प्रशासन से जनहित में महत्वपूर्ण सवाल
धान खरीदी केवल सरकारी घोषणा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। किसानों को वास्तविक सुविधा मिलना जरूरी है।
- क्या सभी खरीदी केंद्रों पर पर्याप्त बारदाने पहुंच चुके हैं?
- क्या तौल कांटों का सत्यापन किया गया है?
- क्या किसानों को टोकन मिलने में परेशानी होने पर वैकल्पिक व्यवस्था होगी?
- क्या केंद्रों पर किसानों की शिकायत दर्ज करने के लिए जिम्मेदार अधिकारी नियुक्त होंगे?
- क्या बिचौलियों और अवैध धान परिवहन पर प्रभावी निगरानी रहेगी?
- क्या भुगतान में देरी होने पर किसानों को जवाब मिलेगा?
सत्य ज्ञान समागम न्यूज लाइव की जनहित मांग
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, खाद्य मंत्री, सहकारिता विभाग, जिला कलेक्टरों और संबंधित अधिकारियों से मांग है कि धान खरीदी के प्रत्येक केंद्र का नियमित निरीक्षण कराया जाए।
यदि किसी केंद्र पर किसानों को परेशान किया जाता है, तौल में गड़बड़ी होती है, अवैध वसूली होती है या बारदाने की कमी के कारण खरीदी प्रभावित होती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर नियमानुसार कार्रवाई हो।
किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उनकी मेहनत का उचित मूल्य और सम्मान मिलना शासन-प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
जन हित सर्वोपरि।
सत्य ज्ञान समागम न्यूज लाइव
प्रधान संपादक: सतपाल सिंह भदराजा
नारा: न पक्ष, न विपक्ष, केवल निष्पक्ष जनहित।








