सावधान! बिलासपुर में ऑटोडील संचालक की मनमानी: पैसे लेकर नहीं दे रहा कार के कागजात, सिविल लाइन पुलिस के बुलावे को भी किया अनसुना
बिलासपुर। बिलासपुर में पुरानी कारों की खरीद-बिक्री करने वाले कुछ दलालों और ऑटोडील संचालकों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे न केवल जनता को ठग रहे हैं, बल्कि पुलिस के निर्देशों को भी ठेंगे पर रख रहे हैं। ताजा मामला ‘वीरवंश ऑटोडील एवं कंस्ट्रक्शन’ का है, जहाँ संचालक की कार्यप्रणाली अब जांच के घेरे में है।
पुलिस के बुलावे पर भी नहीं पहुँचा संचालक
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि जब पीड़ित सूर्यकांत दुबे ने अपनी शिकायत दर्ज कराई, तब थाना सिविल लाइन से संचालक मनीष सोनी को फोन कर तलब किया गया। लेकिन सूत्रों के अनुसार, संचालक ने पुलिस के बुलावे को भी गंभीरता से नहीं लिया और थाने उपस्थित नहीं हुआ। यह व्यवहार संचालक की कानून के प्रति लापरवाही और पीड़ित के प्रति संवेदनहीनता को स्पष्ट करता है।
कई और लोग भी हो सकते हैं शिकार (जनहित में जारी)
विश्वस्त सूत्रों और स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, उक्त ऑटोडील संचालक इसी तरह की कार्यप्रणाली से कई अन्य लोगों को भी अपनी बातों में फंसा चुका है। अक्सर कम कीमत का लालच देकर या ‘एक महीने में नाम ट्रांसफर’ का झूठा वादा कर ग्राहकों से मोटी रकम वसूल ली जाती है और बाद में उन्हें आरसी बुक (RC) और ट्रांसफर पेपर्स के लिए महीनों चक्कर कटवाए जाते हैं।
मानसिक प्रताड़ना का शिकार हुआ पीड़ित
सिमगा निवासी सूर्यकांत दुबे ने बताया कि उन्होंने साल भर पहले ₹2.30 लाख देकर स्विफ्ट कार (CG04 HD2950) खरीदी थी, लेकिन आज तक उन्हें कागजात नहीं मिले हैं। पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई शिकायत में उन्होंने स्पष्ट किया है कि मनीष सोनी द्वारा लगातार की जा रही ‘टाल-मटोल’ से वे गहरे मानसिक तनाव में हैं।
सतर्क रहे जनता: यह समाचार एक चेतावनी भी है कि किसी भी ऑटोडील से वाहन खरीदते समय केवल नोटरी पर भरोसा न करें। जब तक पूर्ण दस्तावेज और नाम ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू न हो जाए, तब तक पूरा भुगतान करने से बचें।
SGS न्यूज़ पोर्टल की अपील
सत्य ज्ञान समागम (SGS) प्रेस न्यूज़ पोर्टल आम जनता से अपील करता है कि यदि आपके साथ भी इस प्रकार की कोई धोखाधड़ी हुई है, तो तुरंत संबंधित थाने या पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं ताकि ऐसे संचालकों पर नकेल कसी जा सके।
खबर का मुख्य सार:
अनदेखी: आरोपी मनीष सोनी ने सिविल लाइन पुलिस के फोन कॉल को भी किया इग्नोर।
सावधानी: शहर के अन्य लोगों के साथ भी ऐसी ही ठगी की आशंका।
कार्रवाई: एसपी बिलासपुर से सख्त कानूनी कदम उठाने की मांग।




