बिलासपुर:-हॉली क्रॉस स्कूल लाल खदान पर फर्जी दस्तावेजों से अल्पसंख्यक दर्जा और CBSE मान्यता लेने का आरोप, कलेक्टर को जांच के आदेशबिलासपुर (छत्तीसगढ़), 16 जून 2026:बिलासपुर के लाल खदान स्थित हॉली क्रॉस सीनियर सेकेंडरी स्कूल के खिलाफ फर्जी और कूटरचित (जाली) दस्तावेजों के सहारे अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा हासिल करने का एक बड़ा और गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने यह जालसाजी इसलिए की ताकि उन्हें ‘शिक्षा का अधिकार’ (RTE) के तहत गरीब और वंचित बच्चों को मुफ्त प्रवेश न देना पड़े। 

और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चे अपने शिक्षा के मौलिक अधिकार से महरूम हो रहे हैं।CBSE मान्यता में भी हेरफेर की आशंकामामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। शिकायत पत्र में स्पष्ट किया गया है कि स्कूल द्वारा सीबीएसई (CBSE) की मान्यता प्राप्त करने के लिए भी संबंधित विभागों में फर्जी और गुमराह करने वाले दस्तावेज संलग्न किए गए हैं। इस दोहरे फर्जीवाड़े की खबर सामने आने के बाद से शिक्षा विभाग और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।मुख्य बिंदु: क्या हैं स्कूल पर आरोप? अवैध अल्पसंख्यक दर्जा: फर्जी कागजात के दम पर अल्पसंख्यक संस्थान का सर्टिफिकेट लिया ताकि RTE नियमों से बचा जा सके। सैकड़ों बच्चे प्रभावित: मुफ्त शिक्षा के अधिकार से क्षेत्र के गरीब और वंचित बच्चों को वंचित किया गया। भ्रामक दस्तावेज: सीबीएसई से मान्यता हासिल करने के लिए भी विभागों को गुमराह करने वाले दस्तावेज सौंपे गए। शासन की सख्त हिदायत: शासन ने जिला प्रशासन (कलेक्टर) को पत्र भेजकर तत्काल प्रभाव से जांच पूरी कर दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।कलेक्टर को सौंपे गए साक्ष्यइस पूरे मामले की शिकायत के साथ सजग नागरिकों ने शासन और जिला प्रशासन को पुख्ता सबूत भी सौंपे हैं। शिकायतकर्ताओं के साथ-साथ पीड़ित परिवारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि शिक्षा के नाम पर जालसाजी और व्यापार करने वाली ऐसी संस्थाओं के खिलाफ सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे गरीब बच्चों को उनका हक वापस मिल सके और भविष्य में कोई अन्य संस्थान ऐसा करने का दुस्साहस न करे।वर्तमान में जिला प्रशासन द्वारा शासन के निर्देशानुसार मामले की फाइल खोलकर जांच शुरू कर दी गई है।



