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10 लाख की ओपनिंग से 47 करोड़ तक पहुंची ‘हनुमान अंश’, आध्यात्मिक सिनेमा की बनी नई मिसाल नीम करोली बाबा के जीवन और संदेश से प्रेरित फिल्म को दर्शकों का मिल रहा जबरदस्त समर्थन …

👉 10 लाख की ओपनिंग से 47 करोड़ तक पहुंची ‘हनुमान अंश’, आध्यात्मिक सिनेमा की बनी नई मिसाल नीम करोली बाबा के जीवन और संदेश से प्रेरित फिल्म को दर्शकों का मिल रहा जबरदस्त समर्थन सत्य ज्ञान समागम प्रेस | मनोरंजन डेस्क

🌍 नई दिल्ली:- आध्यात्मिकता, भक्ति और मानव सेवा का संदेश देने वाली फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी सफलता से फिल्म जगत का ध्यान आकर्षित किया है। बिना किसी बड़े स्टार और बड़े प्रचार अभियान के रिलीज हुई इस फिल्म ने धीमी शुरुआत के बाद ऐसा रफ्तार पकड़ी कि अब यह वर्ष 2026 की चर्चित फिल्मों में शामिल हो गई है।फिल्म ‘हनुमान अंश’ संत नीम करोली बाबा के जीवन, उनकी आध्यात्मिक यात्रा और मानव सेवा की भावना से प्रेरित है। फिल्म की कहानी युवा लक्ष्मीनारायण की आध्यात्मिक खोज से शुरू होती है, जो जीवन, मृत्यु और मानव पीड़ा के सवालों के जवाब तलाशते हुए आगे बढ़ता है और अंततः एक महान संत के रूप में अपनी पहचान बनाता है।पहले दिन महज 10 लाख, फिर बदली कहानीफिल्म ने सिनेमाघरों में शुरुआती दौर में अपेक्षाकृत कम कारोबार किया। पहले दिन इसकी कमाई करीब 10 लाख रुपये रही और शुरुआती दो सप्ताह में भी फिल्म को खास सफलता नहीं मिली। लेकिन दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया और सोशल मीडिया पर बढ़ती चर्चा ने तीसरे और चौथे सप्ताह में फिल्म की कमाई को जबरदस्त गति दी।ताजा रिपोर्टों के अनुसार फिल्म ने भारत में 40 करोड़ रुपये से अधिक नेट और लगभग 47.33 करोड़ रुपये ग्रॉस का कारोबार कर लिया है। लगभग 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म की बॉक्स ऑफिस यात्रा को फिल्म उद्योग में एक असाधारण सफलता के तौर पर देखा जा रहा है।बिना स्टारडम के कहानी और संदेश ने जीता दिल‘हनुमान अंश’ की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि फिल्म ने बड़े सितारों के बजाय कहानी, आध्यात्मिक भाव और संदेश के माध्यम से दर्शकों तक पहुंच बनाई। फिल्म में भक्ति के साथ-साथ प्रेम, सेवा, करुणा और मानवता को केंद्र में रखा गया है।फिल्म का निर्देशन विशाल चतुर्वेदी ने किया है। प्रमुख भूमिकाओं में शोभिनव सत्य, विहान एस. हेगड़े, चंदन आनंद, पूर्णिमा तिवारी, अनिल के. रस्तोगी और गुलशन पांडे नजर आते हैं।माधुर भंडारकर ने भी की सराहनाफिल्म की सफलता को लेकर चर्चित फिल्म निर्देशक मधुर भंडारकर ने भी ‘हनुमान अंश’ की प्रशंसा की है। उन्होंने फिल्म को भारतीय फिल्म उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण बताया—खासकर इस दृष्टि से कि सीमित बजट और गैर-स्टार कास्ट के बावजूद दर्शकों के विश्वास और सकारात्मक वर्ड ऑफ माउथ से फिल्म बड़ी सफलता हासिल कर सकती है।‘हनुमान अंश’ का संदेश—भक्ति के साथ मानव सेवाफिल्म केवल एक संत की जीवन यात्रा को पर्दे पर प्रस्तुत करने का प्रयास नहीं करती, बल्कि दर्शकों को प्रेम, सेवा, भोजन और राम नाम के माध्यम से मानवता की ओर लौटने का संदेश भी देती है।‘हनुमान अंश’ की सफलता यह संकेत देती है कि दर्शक आज भी ऐसी फिल्मों को पसंद करते हैं, जिनमें मनोरंजन के साथ आध्यात्मिकता, संस्कार, भारतीय संत परंपरा और मानवता का संदेश मौजूद हो।सत्य ज्ञान समागम प्रेस की विशेष टिप्पणी:जब सिनेमा केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि मनुष्य को मनुष्य से जोड़ने, सेवा की भावना जगाने और भारतीय आध्यात्मिक परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बन जाए, तब उसकी सफलता केवल बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों से नहीं मापी जा सकती। ‘हनुमान अंश’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में सामने आती है।