ब्रेकिंग न्यूज़
बिलासपुर में रेडक्रॉस मेडिकल शॉप एवं प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र का 4 नवंबर को शुभारंभ, विधायक सुशांत शुक्ला करेंगे लोकार्पण….छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी: 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर, 3,100 उपार्जन केंद्रों पर रहेगी व्यवस्था…बिलासपुर: पैतृक जमीन की फेंसिंग तार दो बार काटने का आरोप, न्याय के लिए कलेक्टर और एसपी से लगाई गुहार…रायपुर में अपराध और भ्रष्टाचार पर लगे लगाम, अधिकारियों की जवाबदेही हो तय…खैरागढ़ में पत्रकार से मारपीट का मामला: ‘न्यूज पोर्टल पत्रकार संघ भारत’ ने जताई कड़ी आपत्ति, प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह भदराजा ने की निंदा…दीपावली से देव दीपावली तक : नवंबर का महीना लेकर आ रहा है धर्म, संस्कार, संस्कृति और सामाजिक एकता का संदेश…2 करोड़ का प्रतिबंधित गुटखा जब्त: रायपुर में अवैध कारोबार का नेटवर्क कितना बड़ा? GST और प्रशासन की निगरानी पर उठे सवाल!”…बिलासपुर में खाद्य दुकानों पर हो सख्त निगरानी! होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकान से लेकर ठेले तक जांच की मांग, मिलावटखोरों पर हो कठोर कार्रवाई…धान से लदे वाहन को छोड़ने के नाम पर 1 लाख की कथित रिश्वत! SDM-तहसीलदार पर गंभीर आरोप, अब प्रशासन की साख और जवाबदेही की परीक्षा….पुष्पा स्टाइल का पोज, लेकिन कानून से बचने का रास्ता नहीं! ओमान से भारत आया महादेव ऐप का कथित सरगना, अब खुलेगा करोड़ों के नेटवर्क का राज?मस्तुरी विधानसभा क्षेत्र की जर्जर सड़कों के निर्माण को लेकर गरमाई सियासत, जिला पंचायत सदस्य दामोदर कांत ने दी भूख हड़ताल की चेतावनी..!ऑल इंडिया कांग्रेस सोशल ऑर्गेनाइजेशन के प्रदेश अध्यक्ष सैयद मकसूद अली के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं की दिल्ली में सहभागिता, जीपीएम और मुंगेली जिले के पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि भी हुए शामिल….बिलासपुर में रेडक्रॉस मेडिकल शॉप एवं प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र का 4 नवंबर को शुभारंभ, विधायक सुशांत शुक्ला करेंगे लोकार्पण….छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी: 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर, 3,100 उपार्जन केंद्रों पर रहेगी व्यवस्था…बिलासपुर: पैतृक जमीन की फेंसिंग तार दो बार काटने का आरोप, न्याय के लिए कलेक्टर और एसपी से लगाई गुहार…रायपुर में अपराध और भ्रष्टाचार पर लगे लगाम, अधिकारियों की जवाबदेही हो तय…खैरागढ़ में पत्रकार से मारपीट का मामला: ‘न्यूज पोर्टल पत्रकार संघ भारत’ ने जताई कड़ी आपत्ति, प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह भदराजा ने की निंदा…दीपावली से देव दीपावली तक : नवंबर का महीना लेकर आ रहा है धर्म, संस्कार, संस्कृति और सामाजिक एकता का संदेश…2 करोड़ का प्रतिबंधित गुटखा जब्त: रायपुर में अवैध कारोबार का नेटवर्क कितना बड़ा? GST और प्रशासन की निगरानी पर उठे सवाल!”…बिलासपुर में खाद्य दुकानों पर हो सख्त निगरानी! होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकान से लेकर ठेले तक जांच की मांग, मिलावटखोरों पर हो कठोर कार्रवाई…धान से लदे वाहन को छोड़ने के नाम पर 1 लाख की कथित रिश्वत! SDM-तहसीलदार पर गंभीर आरोप, अब प्रशासन की साख और जवाबदेही की परीक्षा….पुष्पा स्टाइल का पोज, लेकिन कानून से बचने का रास्ता नहीं! ओमान से भारत आया महादेव ऐप का कथित सरगना, अब खुलेगा करोड़ों के नेटवर्क का राज?मस्तुरी विधानसभा क्षेत्र की जर्जर सड़कों के निर्माण को लेकर गरमाई सियासत, जिला पंचायत सदस्य दामोदर कांत ने दी भूख हड़ताल की चेतावनी..!ऑल इंडिया कांग्रेस सोशल ऑर्गेनाइजेशन के प्रदेश अध्यक्ष सैयद मकसूद अली के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं की दिल्ली में सहभागिता, जीपीएम और मुंगेली जिले के पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि भी हुए शामिल….
🔔

न्यूज़ अलर्ट चालू करें

ब्रेकिंग न्यूज़ की तुरंत जानकारी पाएं

💬
🏠 होम › बिलासपुर › मारपीट में घायल मरीज के इलाज से पहले…

मारपीट में घायल मरीज के इलाज से पहले FIR की शर्त पर सरकार जारी करे स्पष्ट दिशा-निर्देश पहले इलाज या पहले पुलिस कार्रवाई? घायल मरीजों को लेकर व्यवस्था पर उठे सवाल…

🌍 बिलासपुर। मारपीट अथवा किसी अन्य घटना में घायल होकर अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों के सामने कई बार ऐसी स्थिति उत्पन्न होने की बात सामने आती है, जिसमें उपचार शुरू करने से पहले पुलिस केस, FIR या पुलिस मेमो की मांग की जाती है। ऐसी स्थिति में घायल व्यक्ति और उसके परिजन असमंजस में पड़ जाते हैं कि पहले अस्पताल में इलाज कराया जाए या पुलिस थाने जाकर कार्रवाई पूरी की जाए।जनहित में यह आवश्यक है कि आपात स्थिति में मरीज की जान और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए तत्काल चिकित्सकीय परीक्षण एवं आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जाए, जबकि मेडिको-लीगल प्रक्रिया और पुलिस को सूचना अस्पताल की निर्धारित व्यवस्था के अनुसार समानांतर रूप से की जाए।सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश में भी दुर्घटना पीड़ितों और अन्य आपातकालीन मामलों के उपचार के संबंध में अस्पतालों को FIR दर्ज होने पर उपचार निर्भर न रखने की दिशा का उल्लेख किया गया है।सरकार से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांगराज्य सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग को सभी सरकारी और निजी अस्पतालों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने पर विचार करना चाहिए कि—- मारपीट में घायल व्यक्ति की आपात चिकित्सा को केवल FIR या पुलिस केस के कारण विलंबित न किया जाए।- गंभीर घायल मरीज का प्राथमिक उपचार तत्काल शुरू किया जाए।- मेडिको-लीगल केस होने पर अस्पताल द्वारा आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया और पुलिस को सूचना दी जाए।- मरीज एवं परिजनों को पुलिस कार्रवाई और उपचार के बीच भटकना न पड़े।- सभी अस्पतालों में इस संबंध में स्पष्ट सूचना-पट्ट लगाया जाए।- किसी मरीज की स्थिति गंभीर होने पर पहले जीवनरक्षक उपचार और उसके बाद आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।जनता का सवाल—इलाज और कानूनी प्रक्रिया साथ-साथ क्यों नहीं?मारपीट की घटना में घायल व्यक्ति पहले से ही शारीरिक और मानसिक परेशानी में होता है। यदि उसे इलाज के लिए पुलिस कार्रवाई पूरी करने की शर्त के कारण इधर-उधर जाना पड़े, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।इसलिए सरकार को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिसमें चिकित्सा व्यवस्था और पुलिस की मेडिको-लीगल प्रक्रिया एक-दूसरे के पूरक रूप में चलें, बाधा के रूप में नहीं।सत्य ज्ञान समागम न्यूज लाइव का यह मुद्दा पूरी तरह जनहित से जुड़ा है। उद्देश्य किसी चिकित्सक या अस्पताल पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि ऐसी स्पष्ट व्यवस्था की मांग करना है जिससे घायल व्यक्ति को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सके और कानूनी प्रक्रिया भी नियमानुसार पूरी हो।

👉 जनहित में सवाल:“घायल को पहले इलाज मिले या पहले FIR? सरकार स्पष्ट करे—ताकि संकट की घड़ी में मरीज अस्पताल और थाने के बीच न भटके।”

….शेयर करें