👉 बिलासपुर जिले के गांवों में फसल नुकसान का सर्वे शुरू, किसानों को बीमा क्लेम की प्रक्रिया समझाकर सूचना दर्ज कराने में किया जा रहा सहयोग


🌍 बिलासपुर, 31 अक्टूबर 2026 :- चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने जिला प्रशासन ने मैदानी स्तर पर सर्वेक्षण शुरू करा दिया है। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के निर्देश पर कृषि विभाग और एचडीएफसी एर्गो बीमा कंपनी की संयुक्त टीमें गांव-गांव पहुंचकर खेतों का निरीक्षण कर रही हैं। इस सर्वे का उद्देश्य प्रभावित किसानों की फसल क्षति की वास्तविक स्थिति का आकलन कर नियमानुसार बीमा सहायता की प्रक्रिया आगे बढ़ाना है।
छह गांवों में टीमों ने किया खेतों का निरीक्षण
संयुक्त टीमों ने मानकचौरी, रतनपुर, बिटकुला, पोड़ी, गोबरी और हरदीकला सहित जिले के विभिन्न गांवों में पहुंचकर फसलों की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उप संचालक कृषि एम.आर. तिग्गा एवं सहायक संचालक शशांक शिंदे ने भी किसानों से मुलाकात कर नुकसान की जानकारी प्राप्त की।
अधिकारियों ने किसानों को भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन और कृषि विभाग प्रभावित किसानों की समस्याओं को गंभीरता से ले रहे हैं। फसल क्षति का आकलन कर नियमानुसार सहायता दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत नुकसान दर्ज कराना जरूरी
सर्वेक्षण के दौरान किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत फसल नुकसान की सूचना दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई जा रही है। विभाग द्वारा किसानों को बताया गया कि समय-सीमा के भीतर नुकसान की सूचना दर्ज कराना महत्वपूर्ण है, ताकि बीमा संबंधी प्रक्रिया में आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
किसान इन माध्यमों से सूचना दर्ज करा सकते हैं:
- टोल फ्री हेल्पलाइन: 14447
- व्हाट्सएप नंबर: 7066514447
- मोबाइल ऐप: Crop Insurance App
संयुक्त टीमें किसानों को इन माध्यमों के उपयोग और शिकायत अथवा नुकसान की सूचना दर्ज कराने में भी सहयोग कर रही हैं।
ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी भी कर रहे निगरानी
जिले के सभी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में प्रभावित किसानों से संपर्क कर फसल क्षति का सर्वेक्षण कर रहे हैं। कृषि विभाग और बीमा कंपनी की टीमें खेतों में पहुंचकर वास्तविक नुकसान की जानकारी जुटा रही हैं।
किसानों के लिए जरूरी अपील
कृषि विभाग ने प्रभावित किसानों से अपील की है कि वे फसल नुकसान की सूचना निर्धारित समय-सीमा में दर्ज कराएं। सर्वेक्षण के दौरान अधिकारियों को सही जानकारी उपलब्ध कराएं तथा फसल क्षति से संबंधित आवश्यक विवरण और दस्तावेज अपने पास सुरक्षित रखें।
जनहित का सवाल: प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को राहत दिलाने के लिए सर्वेक्षण की पारदर्शिता और समयबद्ध बीमा प्रक्रिया बेहद जरूरी है। प्रशासन को चाहिए कि वास्तविक नुकसान का सही आकलन हो और पात्र किसानों को नियमानुसार बीमा सहायता मिलने में अनावश्यक देरी न हो।
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