👉 धनतेरस और दीपावली के अवसर पर सम्मान की चर्चा के बीच पत्रकार समाज को आत्ममंथन करने की जरूरत।


🌍 बिलासपुर, छत्तीसगढ़ :-धनतेरस और दीपावली जैसे पावन अवसर पर जब लंबे इंतजार के बाद पत्रकारों को सम्मान और पहचान मिलते हुए देखने को मिलता है, तो निश्चित रूप से यह खुशी और उत्साह का विषय है। पत्रकारिता के क्षेत्र में ईमानदारी, मेहनत और जनहित के लिए लगातार काम करने वाले कलमकारों का सम्मान होना चाहिए। लेकिन इसी खुशी के बीच पत्रकार समाज की एक ऐसी विडंबना भी सामने आती है, जिस पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।
आज सवाल यह है कि जब हर विभाग में कर्मचारी अपने विभाग के साथियों का सहयोग करते हैं, अपने संगठन और अपने पेशे की एकजुटता बनाए रखने का प्रयास करते हैं, तो पत्रकारिता के चौथे स्तंभ में ही कुछ लोग अपने ही साथी पत्रकारों को पात्र और अपात्र बताने में क्यों जुट जाते हैं?
पत्रकारिता किसी एक व्यक्ति, संस्था या समूह की जागीर नहीं है। यह लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है। इसमें प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और डिजिटल न्यूज पोर्टल से जुड़े सभी पत्रकारों की अपनी-अपनी भूमिका है। किसी की पहचान उसके प्लेटफॉर्म से नहीं, बल्कि उसकी निष्पक्षता, जिम्मेदारी, मेहनत और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता से होनी चाहिए।
यह भी समझना होगा कि हर पत्रकार की परिस्थितियां, संसाधन और कार्यक्षेत्र अलग-अलग हो सकते हैं। किसी को सम्मान मिलना अच्छी बात है, लेकिन किसी दूसरे साथी को छोटा दिखाकर या उसकी पात्रता पर सार्वजनिक सवाल खड़े करके पत्रकारिता की गरिमा को ठेस पहुंचाना उचित नहीं है।
सम्मान का आधार आपसी प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि कर्म और योगदान होना चाहिए।
यदि किसी पत्रकार की पात्रता, कार्यशैली या किसी सम्मान को लेकर सवाल हैं, तो उनके लिए पारदर्शी नियम, स्पष्ट मापदंड और उचित प्रक्रिया होनी चाहिए। व्यक्तिगत मतभेदों को पत्रकार समाज की प्रतिष्ठा से ऊपर नहीं रखना चाहिए।
कुछ कथित पत्रकारों के व्यवहार और आपसी खींचतान के कारण पूरी पत्रकार बिरादरी की छवि प्रभावित होती है। यह समय एक-दूसरे की टांग खींचने का नहीं, बल्कि पत्रकारिता की विश्वसनीयता मजबूत करने का है।
हमारा उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं, बल्कि पत्रकार समाज के भीतर सकारात्मक सोच, सम्मान, सहयोग और एकता की भावना को मजबूत करना है।
आइए, इस दीपावली पर एक संकल्प लें:
- पत्रकार को पत्रकार का सम्मान करना चाहिए।
- नए और पुराने सभी पत्रकारों को सीखने और आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।
- पात्रता का निर्धारण पारदर्शी नियमों से हो, व्यक्तिगत पसंद-नापसंद से नहीं।
- जनहित के मुद्दों पर सभी पत्रकार एकजुट होकर आवाज उठाएं।
- पत्रकारिता को व्यक्तिगत स्वार्थ और आपसी विवादों से ऊपर रखें।
याद रखिए, पत्रकार की कलम की ताकत उसकी निष्पक्षता में होती है। यदि कलमकार ही एक-दूसरे को अपमानित करने लगेंगे, तो समाज के सामने पत्रकारिता की विश्वसनीयता कैसे कायम रहेगी?
इस दीपावली पर यही संदेश है कि दीप केवल घरों में नहीं, पत्रकार समाज की सोच में भी जलना चाहिए। एक-दूसरे को गिराने के बजाय आगे बढ़ाने की संस्कृति विकसित करनी होगी।
हमारा संकल्प
न पक्ष, न विपक्ष, केवल निष्पक्ष जनहित।
जनहित सर्वोपरि — पोर्टल की क्रांति।
सतपाल सिंग भदराजा
प्रदेश अध्यक्ष — न्यूज पोर्टल पत्रकार संघ भारत
प्रधान संपादक — सत्य ज्ञान समागम लाइव न्यूज प्रेस










