🌍 बिलासपुर। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाने वाली श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व है। इस अवसर पर देशभर के साथ छत्तीसगढ़ में भी श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का वातावरण देखने को मिलता है।


भगवान श्रीकृष्ण का जीवन केवल भक्ति और आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह धर्म, सत्य, कर्तव्य, नीति और कर्म का संदेश भी देता है। श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने मनुष्य को अपने कर्तव्य का पालन करते हुए कर्म करने और उसके फल की चिंता न करने का मार्ग दिखाया।
जन्माष्टमी का पर्व हमें यह संदेश देता है कि जब समाज में अन्याय, अधर्म और अत्याचार बढ़ता है, तब सत्य और धर्म की स्थापना के लिए संघर्ष आवश्यक हो जाता है। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन प्रेम, करुणा, मित्रता, साहस और लोककल्याण की प्रेरणा देता है।
छत्तीसगढ़ में जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन, झांकी, कृष्ण जन्मोत्सव और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण से परिवार, समाज और प्रदेश में सुख-शांति, समृद्धि तथा सद्भाव की प्रार्थना करते हैं।
आज के समय में श्रीकृष्ण का संदेश
आज जब समाज विभिन्न चुनौतियों से गुजर रहा है, तब श्रीकृष्ण की शिक्षाएं और भी प्रासंगिक दिखाई देती हैं। सत्य का साथ देना, अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाना, अपने कर्तव्य को ईमानदारी से निभाना और मानवता को सर्वोपरि रखना—यही कृष्ण संदेश की मूल भावना है।
जन्माष्टमी केवल भगवान के जन्म का उत्सव नहीं, बल्कि अपने भीतर के अंधकार को समाप्त कर सत्य, ज्ञान और सदाचार का प्रकाश जगाने का अवसर भी है।
सत्य ज्ञान समागम न्यूज़ लाइव की ओर से समस्त छत्तीसगढ़वासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं।
जय श्रीकृष्ण। 🙏
सतपाल सिंग भदराजा
प्रधान संपादक
सत्य ज्ञान समागम न्यूज़ लाइव
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