👉 धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज, छठ महापर्व और गुरु नानक जयंती सहित कई महत्वपूर्ण पर्व; रोशनी के साथ स्वच्छता, सुरक्षा और जरूरतमंदों की मदद का भी लें संकल्प


🌍 बिलासपुर, छत्तीसगढ़।नवंबर 2026 का महीना भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और सामाजिक परंपराओं की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। कार्तिक मास के पावन अवसर पर दीपों का त्योहार दीपावली, धनतेरस, गोवर्धन पूजा, भाई दूज, छठ महापर्व, देवउठनी एकादशी, तुलसी विवाह और कार्तिक पूर्णिमा जैसे अनेक पर्व मनाए जाएंगे। इसी महीने बाल दिवस और संविधान दिवस भी हमें समाज, शिक्षा, अधिकारों और जिम्मेदारियों की याद दिलाते हैं।त्योहार केवल पूजा-पाठ और उत्सव मनाने का अवसर नहीं होते, बल्कि ये परिवार को जोड़ने, आपसी प्रेम बढ़ाने, जरूरतमंदों की सहायता करने और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने का माध्यम भी हैं।
नवंबर 2026 के प्रमुख त्योहार और महत्वपूर्ण तिथियांतारीख पर्व / विशेष दिवस 6 नवंबर, शुक्रवार धनतेरस 7 नवंबर, शनिवार छोटी दीपावली से जुड़े आयोजन एवं मासिक शिवरात्रि 8 नवंबर, रविवार दीपावली एवं लक्ष्मी पूजा 10 नवंबर, मंगलवार गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट 11 नवंबर, बुधवार भाई दूज 13 नवंबर, शुक्रवार छठ पूजा – नहाय-खाय 14 नवंबर, शनिवार छठ पूजा – खरना एवं बाल दिवस 15 नवंबर, रविवार छठ पूजा – संध्या अर्घ्य 16 नवंबर, सोमवार छठ पूजा – उषा अर्घ्य 20 नवंबर, शुक्रवार देवउठनी एकादशी 21 नवंबर, शनिवार तुलसी विवाह 24 नवंबर, मंगलवार कार्तिक पूर्णिमा, देव दीपावली एवं गुरु नानक जयंती 26 नवंबर, गुरुवार संविधान दिवसविशेष सूचना: पर्वों की तिथियों और पूजा के मुहूर्त में स्थानीय पंचांग, तिथि-निर्णय और परंपरा के अनुसार अंतर हो सकता है। पूजा से पहले अपने क्षेत्र के पंचांग या स्थानीय मंदिर से पुष्टि अवश्य करें। धनतेरस: सुख-समृद्धि के साथ स्वास्थ्य का महत्वधनतेरस को भगवान धन्वंतरि की पूजा और आरोग्य की कामना से जोड़कर देखा जाता है। इस दिन लोग अपनी परंपरा के अनुसार बर्तन, धातु या अन्य उपयोगी वस्तुओं की खरीदारी करते हैं।इस पर्व का संदेश केवल धन-संपत्ति तक सीमित नहीं है। वास्तविक समृद्धि स्वस्थ शरीर, शांत मन, परिवार की खुशहाली और ईमानदारी से अर्जित आजीविका में है।
दीपावली: अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की विजयदीपावली भारतीय संस्कृति का प्रमुख पर्व है। मान्यता के अनुसार भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने की खुशी में दीप जलाकर उनका स्वागत किया गया था। यह पर्व हमें सत्य, मर्यादा, त्याग, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।दीपावली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। घरों और प्रतिष्ठानों में दीप जलाए जाते हैं तथा परिवार के लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं।दीपावली पर समाज के लिए पांच संकल्प:
1. पटाखों का सीमित और सुरक्षित उपयोग करें। 2. बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखें। 3. जरूरतमंद परिवारों के साथ मिठाई और खुशियां साझा करें। 4. मिलावटी मिठाइयों और नकली खाद्य पदार्थों से सावधान रहें। 5. घर, गली, मोहल्ले और सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखें।गोवर्धन पूजा: प्रकृति, पशुधन और पर्यावरण संरक्षण का संदेशगोवर्धन पूजा भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन लीला से जुड़ी हुई है। यह पर्व प्रकृति, पर्वत, जल, भूमि और पशुधन के महत्व को समझाता है।आज जब पर्यावरण प्रदूषण, जल संकट और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं, तब गोवर्धन पूजा हमें प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी याद दिलाती है।भाई दूज: भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्वभाई दूज भाई-बहन के रिश्ते को समर्पित पर्व है। इस दिन बहनें अपने भाई के सुखी, स्वस्थ और सुरक्षित जीवन की कामना करती हैं। यह पर्व परिवार में प्रेम, सम्मान और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करता है।छठ महापर्व: प्रकृति और सूर्य उपासना का अनुपम उदाहरणछठ महापर्व सूर्य देव और छठी मैया की आराधना का विशेष पर्व है। इसमें श्रद्धालु कठिन नियमों और पवित्रता के साथ व्रत रखते हैं तथा अस्ताचलगामी और उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देते हैं।छठ पूजा हमें सूर्य, जल, स्वच्छता और प्रकृति के महत्व का संदेश देती है। इस अवसर पर नदी, तालाब और घाटों की सफाई तथा जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है।
देवउठनी एकादशी और तुलसी विवाह: धार्मिक परंपरा का विशेष महत्वदेवउठनी एकादशी को भगवान विष्णु के योगनिद्रा से जागने की धार्मिक मान्यता से जोड़ा जाता है। इसके बाद कई परंपराओं में मांगलिक कार्यों की शुरुआत मानी जाती है।तुलसी विवाह में माता तुलसी और भगवान शालिग्राम का विवाह कराया जाता है। यह आयोजन भारतीय धार्मिक परंपरा, प्रकृति के प्रति सम्मान और पारिवारिक संस्कारों का प्रतीक है।देव दीपावली और गुरु नानक जयंती: आस्था, सेवा और समानता का संदेशकार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर देव दीपावली मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन देवता दीपावली मनाते हैं। अनेक स्थानों पर नदियों और घाटों पर दीप प्रज्वलित किए जाते हैं।इसी दिन गुरु नानक जयंती भी मनाई जाएगी। सिख धर्म के प्रथम गुरु श्री गुरु नानक देव जी ने मानवता, समानता, सत्य, ईमानदारी और सेवा का संदेश दिया। उनका संदेश है कि मनुष्य को जाति, धर्म और भेदभाव से ऊपर उठकर मानव सेवा करनी चाहिए।
14 नवंबर: बाल दिवस, बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारीभारत में 14 नवंबर को बाल दिवस मनाया जाता है। यह दिन बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का अवसर है।आज भी कई बच्चे बाल श्रम, नशे के वातावरण, ऑनलाइन धोखाधड़ी, शोषण और शिक्षा से वंचित होने जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।समाज और प्रशासन को मिलकर बच्चों के सुरक्षित और बेहतर भविष्य के लिए काम करना चाहिए।
26 नवंबर: संविधान दिवस, अधिकारों के साथ कर्तव्यों की भी याद26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने भारतीय संविधान को अंगीकृत किया था। इसी ऐतिहासिक दिन की स्मृति में संविधान दिवस मनाया जाता है।भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को मौलिक अधिकार प्रदान करता है, लेकिन इसके साथ नागरिकों के कुछ मौलिक कर्तव्य भी हैं। कानून का सम्मान, सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा, सामाजिक सद्भाव और देश की एकता बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।त्योहारों के बीच समाज की इन समस्याओं पर भी ध्यान देना जरूरीत्योहारों की रौनक तभी सार्थक है, जब समाज का प्रत्येक वर्ग सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन जी सके। आज कई गंभीर विषयों पर जागरूकता जरूरी है—नशा मुक्ति: युवाओं को शराब, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएं।भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता: सरकारी योजनाओं और सार्वजनिक सेवाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हो।महिला सुरक्षा: महिलाओं और बालिकाओं के सम्मान तथा सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।खाद्य पदार्थों में मिलावट: मिठाई, तेल, घी और अन्य खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की नियमित जांच हो।पर्यावरण संरक्षण: प्लास्टिक, ध्वनि और वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएं।गरीब और जरूरतमंदों की सहायता: त्योहारों पर जरूरतमंद परिवारों तक भोजन, कपड़े और आवश्यक सामग्री पहुंचाई जाए।साइबर अपराध से बचाव: ऑनलाइन खरीदारी, डिजिटल भुगतान और अनजान लिंक के मामलों में सतर्कता बरती जाए।
प्रशासन और नागरिकों से विशेष अपील दीपावली एवं अन्य पर्वों के दौरान जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, नगर निगम और अग्निशमन विभाग को सुरक्षा और व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना चाहिए।बाजारों में भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा, मिलावट की जांच, सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए।नागरिक भी कानून का पालन करें, अफवाहों से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना संबंधित विभाग को दें।हमारा संदेश: त्योहार केवल रोशनी का नहीं, जिम्मेदारी का भी पर्व हैदीप जलाने से घर रोशन होता है, लेकिन किसी जरूरतमंद की सहायता करने से जीवन में उजाला आता है। पूजा-पाठ के साथ यदि हम अपने व्यवहार में ईमानदारी, दया, प्रेम, सेवा और मानवता को स्थान दें, तो त्योहारों का वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा।आइए, इस नवंबर में हम संकल्प लें कि नशा, अपराध, भ्रष्टाचार, भेदभाव और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता फैलाएंगे। धर्म और संस्कृति के साथ मानवता, पर्यावरण और संविधान के मूल्यों का भी सम्मान करेंगे।
सभी प्रदेशवासियों एवं देशवासियों को धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज, छठ महापर्व, देव दीपावली एवं गुरु नानक जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं।—प्रस्तुति:
Satya Gyan Samagam Press & News PortalNews Portal Patrakar Sangh Bharatप्रदेश अध्यक्ष / संस्थापक एवं प्रधान संपादक: सतपाल सिंह भदराजा बिलासपुर, छत्तीसगढ़ संपर्क: 7999279696
👉 संपादकीय टिप्पणी: यह समाचार धार्मिक-सांस्कृतिक जानकारी एवं जनजागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित है। पर्वों की पूजा-विधि और तिथि के लिए स्थानीय पंचांग एवं संबंधित धार्मिक परंपरा का पालन करें।







